वाल्मीकिनगर से 1.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, अगले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि
हाजीपुर.इन्द्रपुरी बैराज से सोन नदी में बढ़ते जलस्राव के मद्देनजर वैशाली जिले में गंगा तटवर्ती और दियारा क्षेत्रों के लिए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। जलस्तर के बढ़ते रुझान को देखते हुए अगले 24 से 48 घंटे में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि की संभावना जताई गई है, जिसके चलते जिला प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतते हुए राहत-बचाव व्यवस्था को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं।
वाल्मीकिनगर बैराज के डाउनस्ट्रीम से 31 अगस्त को गंडक नदी में 1,11,500 क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया था। इससे पहले 28 और 29 अगस्त को 1,02,100 क्यूसेक तथा 30 अगस्त को 1,07,800 क्यूसेक जलस्राव दर्ज हुआ था। 1 सितंबर की शाम 6 बजे वाल्मीकिनगर डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज 1,44,800 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो फिलहाल स्थिर है। बढ़े जलस्तर के कारण तटवर्ती इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
लालगंज में खतरे के निशान से 39 सेमी ऊपर पानी प्रमुख गेज स्थलों में लालगंज की स्थिति सबसे चिंताजनक बनी हुई है। यहाँ जलस्तर 50.89 मीटर दर्ज किया गया, जो संशोधित खतरे के निशान 50.50 मीटर से 39 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं, रेवा घाट में जलस्तर 53.68 मीटर (खतरे के निशान से 73 सेमी नीचे) और हाजीपुर में 49.53 मीटर (खतरे के निशान से 79 सेमी नीचे) दर्ज किया गया है। इसके अलावा गांधी घाट पर जलस्तर 49.50 मीटर पहुँच गया है, जो खतरे के निशान 48.60 मीटर से 90 सेंटीमीटर ऊपर है।
बच्चों व बुजुर्गों को ऊंचे स्थानों पर ले जाने की सलाह जिला प्रशासन ने महनार, देसरी, सहदेई बुजुर्ग, बिदुपुर, राघोपुर और हाजीपुर के दियारा व निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को गंगा-गंडक के किनारे और संभावित जलमग्न क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाने, बच्चों व बुजुर्गों को नदी के पास न भेजने तथा पशुधन को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर ले जाने की तैयारी रखने की सलाह दी गई है।
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