प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत: सीएचसी में डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
समस्तीपुर : हलई थाना क्षेत्र अंतर्गत सारंगपुर पश्चिमी पंचायत के वार्ड 11 में प्रसव के दौरान एक विवाहिता और उसके नवजात शिशु की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है. मृतका की पहचान अजय राम की 22 वर्षीया पत्नी नविता देवी के रूप में की गई है. एक साथ मां और नवजात की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है तथा आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है.
सामान्य थी जांच रिपोर्ट, प्रसव के दौरान बिगड़ी स्थिति
ग्रामीण धीरज कुमार झा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को प्रसव पीड़ा होने पर नविता देवी को सरायरंजन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया था:
गर्भावस्था जांच: परिजनों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान सभी नियमित जांच कराई गई थीं, जिसमें जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ बताए गए थे.
अत्यधिक रक्तस्राव: प्रसव के दौरान अचानक अत्यधिक ब्लीडिंग शुरू हो गई, जिससे प्रसूता की हालत तेजी से बिगड़ने लगी.
रेफर करने में देरी: परिजनों और ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों से रेफर करने का लगातार अनुरोध किया गया, लेकिन समय पर निर्णय नहीं लिया गया.समय पर उचित इलाज न मिलने के कारण पहले प्रसूता नविता देवी ने दम तोड़ दिया. इसके बाद आनन-फानन में नवजात शिशु को सदर अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने भी दम तोड़ दिया.
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते महिला को उच्च संस्थान रेफर कर दिया जाता, तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी. घटना के बाद मृतका के घर में मातम छाया हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीणों ने दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए उचित सरकारी मुआवजे की मांग की है.
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