Samastipur

समस्तीपुर सदर अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर के बिना पोस्टमॉर्टम, शव लेकर घंटों इंतजार करते है

समस्तीपुर.जिले में पोस्टमॉर्टम की पूरी व्यवस्था फिलहाल सदर अस्पताल के एकमात्र पोस्टमॉर्टम हाउस पर निर्भर है। श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में अब तक पोस्टमॉर्टम की सुविधा शुरू नहीं हुई है। सदर अस्पताल में भी पोस्टमॉर्टम के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति नहीं है।

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इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सकों को ही पोस्टमॉर्टम की जिम्मेदारी दी गई है। इससे इमरजेंसी में मरीजों के इलाज के बाद ही डॉक्टर पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचते हैं। नतीजतन शव लेकर पुलिस और परिजनों को कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है। सदर अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जुलाई में 84 पोस्टमॉर्टम किए गए। वहीं, अगस्त में 11 तारीख तक 31 शवों का पोस्टमॉर्टम हो चुका है। सामान्य चिकित्सकों से यह काम कराया जा रहा है, जबकि मेडिको-लीगल मामलों में पैथोलॉजी और फोरेंसिक विशेषज्ञता वाले चिकित्सकों की जरूरत होती है। यह स्थिति लगातार बनी हुई है।

 

मेडिको-लीगल मामलों की प्रक्रिया सुचारू रखने के लिए पोस्टमॉर्टम हाउस में समर्पित टीम की जरूरत होती है। सामान्य मामलों में कम से कम दो मेडिकल ऑफिसर और संदिग्ध, हिरासत में मौत या गंभीर मामलों में तीन डॉक्टरों की मेडिकल बोर्ड टीम होना अपेक्षित है। इस टीम में फोरेंसिक विशेषज्ञ की मौजूदगी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके अलावा कम से कम दो पोस्टमॉर्टम सहायक होने चाहिए, जो शव उठाने, चीर-फाड़ में डॉक्टर की मदद और विसरा सैंपल की पैकिंग का काम करें। एक सफाई कर्मी पोस्टमॉर्टम कक्ष की स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण संभाले। वहीं, एक क्लर्क या डेटा एंट्री ऑपरेटर पुलिस के इंक्वेस्ट दस्तावेजों का मिलान, कागजी कार्रवाई और डिजिटल रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी संभाल सकता है। फिलहाल सदर अस्पताल में ऐसी समर्पित व्यवस्था नहीं होने से इमरजेंसी ड्यूटी और पोस्टमॉर्टम की जिम्मेदारी एक ही चिकित्सकीय व्यवस्था पर है। इससे शव सौंपने की प्रक्रिया समय पर पूरी हो।

 

सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के विशेषज्ञ चिकित्सक का होना जरूरी है। फोरेंसिक विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. रवि कुमार की पोस्टिंग मेडिकल कॉलेज में हुई है। इस मामले को देखा जा रहा है और उनकी प्रतिनियुक्ति सदर अस्पताल में कराने को लेकर विभागीय प्रक्रिया की जाएगी। -डॉ. राजीव कुमार, सिविल सर्जन, समस्तीपुर

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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