झमटिया में कांवड़ियों के बीच लाठी-डंडे से मारपीट; गहरे पानी में जाने से रोका तो एक-दूसरे से भिड़े
बेगूसराय के बछवाड़ा प्रखंड स्थित नारेपुर झमटिया गंगा घाट पर रविवार की देर रात कांवड़ियों और स्थानीय युवक के बीच हुई मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वीडियो में घाट परिसर में मची अफरा-तफरी, लाठी-डंडे चलने और स्थिति संभालने का दृश्य स्पष्ट दिख रहा है। मामला तूल पकड़ने के बाद सोमवार को शिवगंगा समिति ने आपात बैठक बुलाकर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की।
शिवगंगा समिति द्वारा आयोजित आपात बैठक में मंदिर परिसर के दुकानदारों, नाविकों, स्थानीय नागरिकों और मारपीट की घटना में शामिल स्थानीय युवक मनीष कुमार को बुलाया गया। विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। चर्चा के दौरान समिति को बताया गया कि रविवार की देर रात करीब 20 कांवड़ियों का एक समूह झमटिया गंगा घाट पहुंचा था।
प्रत्यक्षदर्शियों और समिति सदस्यों के अनुसार, मारपीट में शामिल कुछ कांवड़िया नशे की हालत में थे और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेडिंग को पार कर गहरे पानी में जाने का प्रयास कर रहे थे। घाट पर मौजूद स्थानीय युवक मनीष कुमार ने जब डूबने के खतरे को देखते हुए उन्हें मना किया, तो विवाद शुरू हो गया। कांवड़ियों द्वारा कहासुनी के बाद मनीष के साथ मारपीट की गई।
इसके बाद आक्रोश में आकर मनीष ने भी लाठी चला दी, जिससे घाट पर भगदड़ और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस सहायता केंद्र पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान नशे में धुत कुछ कांवड़ियों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी पर पानी छिड़क दिया और हाथापाई करने लगे। इसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
मारपीट के बीच लाउडस्पीकर से लगातार शांति बनाए रखने और बैरिकेडिंग के अंदर ही स्नान करने की घोषणाएं की जाती रही, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने स्थिति पर काबू पाया। बैठक के दौरान समिति के सामने आकर युवक ने अपनी गलती स्वीकार की और कहा कि आक्रोश में आकर उससे यह भूल हुई है। उसने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न दोहराने का वचन दिया।
बैठक में शामिल समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। धाम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन से अतिरिक्त पुलिस बल और गोताखोरों की तैनाती की मांग की जाएगी। नशे की हालत में घाट पर आने वाले असमाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी, जिससे धार्मिक माहौल खराब नहीं हो। शिवगंगा समिति ने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया है कि इस प्रकार के घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
