Samastipur

ई-शिक्षा कोष पर फर्जी हाजिरी पकड़ी:मॉनिटरिंग सख्त वेतन रोकने के साथ निलंबन भी..

पटना.बिहार के सरकारी स्कूलों में इन दिनों पढ़ाई से ज्यादा जोर शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग और म्यूचुअल तबादलों पर है। शिक्षक अध्यापन के दौरान भी वाट्सएप और मैसेज के जरिए खाली सीटों की जानकारी जुटाने में लगे हैं। यही नहीं, बिना छुट्टी लिये शिक्षक स्कूल से गायब रह रहे हैं और जिला कार्यालयों व पटना स्थित शिक्षा विभाग के मुख्यालय का चक्कर काट रहे हैं। इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षा विभाग ने बीते एक महीने में लगभग 3,000 शिक्षकों पर दंडात्मक कार्रवाई की है। विभाग की जांच में स्कूल से गायब रहने और ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर फर्जी तरीके से उपस्थिति दर्ज कराने के मामले सामने आए हैं।

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पश्चिम चंपारण में फर्जी उपस्थिति के आरोप में राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय श्रीनगर (ठकराहा) के अरुण कुमार यादव, सोनू एवं संतोष कुमार चौधरी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय खरहट (बगहा-2) की जुही कुमारी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बीएमसी मोतीपुर (बैरिया) की विशेष शिक्षिका पूजा कुमारी तथा पंचायत शिक्षिका रुखसाना खातून को निलंबित कर दिया गया है।

 

पश्चिम चंपारण में फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने पर 6 शिक्षक निलंबित

 

सहरसा में 59 दिन , तक का वेतन काटा

 

 

सहरसा के मुसहरी टोला विद्यालय की शिक्षिका नूरानी बेगम अप्रैल से जुलाई के दौरान बिना किसी सूचना के 59 दिन तक गायब रहीं, जिसके एवज में उनका 59 दिनों का वेतन काटा गया है। वहीं जहानाबाद में प्राथमिक विद्यालय कनौदी की शिक्षिका ऋतु रानी (गैरहाजिर), प्राथमिक विद्यालय शितलगढ़ के अरविंद कुमार (समय से पहले जाने पर 1 दिन), उर्दू कन्या माध्यमिक विद्यालय में समय पूर्व छुट्टी पर 1-1 दिन, प्राथमिक विद्यालय शितलगढ़ की शिक्षिका एकता कुमारी का 3 दिन और डोहिया के अनिल कुमार का समय पर न पहुंचने के कारण 6 दिनों का वेतन काटा गया है।

 

50 अफसरों की टीम कर रही रोजाना मॉनिटरिंग

 

पिछले 3 महीनों से शिक्षा विभाग ने हेडमास्टर, प्रधान शिक्षक और शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति की सघन जांच शुरू की है। इसके लिए 50 से अधिक अधिकारियों की विशेष टीम तैनात की गई है। टीम ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली तस्वीरों के बैकग्राउंड और टाइमिंग का मिलान कर रही है। एक दिन भी देर से आने या समय से पहले जाने पर कारण बताओ नोटिस दिया जा रहा है। जवाब संतोषजनक न होने पर शिक्षकों को विशेष निगरानी पर रखा जा रहा है और बार-बार गलती दोहराने पर सीधी कार्रवाई हो रही है।

 

इधर, तबादले से जुड़ी जानकारी जुटाने रोजाना 100 से ज्यादा शिक्षक पटना मुख्यालय और जिला शिक्षा कार्यालयों में पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने चेतावनी दी है कि बिना आधिकारिक अनुमति या छुट्टी के मुख्यालय आने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यालय पहुंचने वाले शिक्षकों की स्थिति संबंधित जिलों से तुरंत सत्यापित की जा रही है। यदि शिक्षक बिना स्वीकृति के अनुपस्थित पाए जाते हैं, तो उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

 

शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में पारदर्शिता बरती जा रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारी ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया को आसानी से देख सकते हैं। यदि शिक्षक पटना मुख्यालय या फिर जिला मुख्यालय में बगैर छुट्टी लिये आवाजाही कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पटना मुख्यालय आने वाले शिक्षकों की जानकारी जिला के अधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया है। – मिथिलेश तिवारी, मंत्री, शिक्षा विभाग

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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