डीपीओ के 4 ठिकानों पर छापेमारी:काली कमाई से बना ली 5 करोड़ रुपए की संपत्ति
पटना.साढ़े चार साल की नौकरी में सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अजीत अमर को 38 लाख रुपए सैलरी मिली। इसके बावजूद उन्होंने काली कमाई से करीब 5 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति बना ली। अवैध कमाई की रकम वे पत्नी पूजा कुमारी के खाते में डलवाते थे।
अजीत के खिलाफ डीए का केस दर्ज करने के बाद ईओयू की चार टीमों ने शुक्रवार को सीवान, सहरसा और छपरा के चार ठिकानों पर छापेमारी की। अजीत अमर मूल रूप से सीवान के दरौंदा थाना के रैनी गांव के रहने वाले हैं। ईओयू की टीम ने उनके आवास, कार्यालय और पुश्तैनी मकान में करीब आठ घंटे तक तलाशी ली। इस दौरान 40.5 लाख रुपए के गहने मिले। पत्नी पूजा कुमारी के नाम से सारण के एकमा थाना के परसागढ़ गांव में 41.5 लाख रुपए कीमत की 6 बीघा 9 कट्ठा 8 धूर जमीन के कागजात मिले।
छपरा में प्रतिनियुक्ति में अवैध कमाई का आरोप
सहरसा में पदस्थापन के बाद अजीत अमर को डीपीओ (प्लानिंग एंड अकाउंट), सारण में प्रतिनियुक्त किया गया था। इस दौरान उन पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से अवैध कमाई करने का आरोप लगा था। जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने पर स्थानीय जिला प्रशासन ने उनकी प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी थी। इसके बाद उन्हें सहरसा वापस भेज दिया गया था।
2023 से 2025 तक अवैध कमाई से बन गया करोड़पति
ईओयू के पास मिले चल-अचल संपत्ति के कागजात के अनुसार, ये संपत्तियां 2023 से 2025 के बीच खरीदी गईं। अमर शिक्षकों और कर्मियों के वेतन बकाये के भुगतान के बदले घूस लेता था। शिक्षकों के एरियर, सर्विस बुक अपडेट करने, वेतनमान संशोधन और रुका हुआ वेतन जारी करने के लिए भी रकम ली जाती थी। शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग और स्कूलों में भवन निर्माण के काम में भी पैसे लेने का आरोप है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
