अवैध कारतूस फैक्ट्री का भांडाफोड,600 से अधिक कारतूस बरामद,मुख्य सरगना सहित चार गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर।मोतिहारी। पुलिस ने हथियार तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए चकिया थाना क्षेत्र के ओझा टोला वार्ड नंबर 20 में संचालित एक अवैध कारतूस फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मौके से 600 से अधिक निर्मित और अर्धनिर्मित कारतूस बरामद किए हैं. इसके अलावा कारतूस निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, मेटल शीट, गन पाउडर, नाइट्रिक एसिड, रेड फॉस्फोरस, एसीटोन, चारकोल समेत बड़ी मात्रा में अन्य सामग्री भी जब्त की गई है.
इस कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिसमे मुख्य सरगना श्रीकांत सिंह भी शामिल हैं.कारतूस खरीदकर विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई करने वाले कुछ लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पूरे नेटवर्क की पहचान कर उससे जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
यह संयुक्त अभियान एसडीपीओ चकिया संतोष कुमार सिंह और पकड़ीदयाल कुमार चंदन के नेतृत्व में चलाया गया.
अभियान में मेहसी, चकिया, मधुबन, गड़हिया और फेनहारा थाना की पुलिस के साथ जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) की टीम भी शामिल रही.पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात ने बताया कि फैक्ट्री का कथित मास्टरमाइंड श्रीकांत सिंह है, जो फेनहारा थाना क्षेत्र के मड़पा मोहन गांव का निवासी है.उसके खिलाफ पहले से अवैध हथियार और कारतूस से जुड़े पांच मामले दर्ज हैं.वह वर्ष 2012 में यूएपीए के एक मामले में भी जेल जा चुका है.वह पिछले कई महिनों से इस गतिविधि में संलिप्त था.
उन्होंने इस सफल अभियान में शामिल टीम की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित करने तथा 40 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है.विशेष रूप से मेहसी के थानाध्यक्ष सानु गौरव और डीआईयू के सब-इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन की भूमिका को सराहनीय बताया गया है.इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय हथियार और कारतूस तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. हालांकि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई के बाद और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
