समाज बना बेटी का संरक्षक:बारातियों के भोजन से ले गृहस्थी तक का सामान जुटाया
बेगूसराय.बेटी की शादी की तारीख तय हो चुकी थी, लेकिन घर में चिंता का माहौल था। एक ओर पिता की आर्थिक मजबूरी थी। दूसरी ओर बेटी को सम्मान के साथ विदा करने की जिम्मेदारी थी। ऐसे समय में समाज ने हाथ बढ़ाया तो देखते ही देखते एक परिवार की चिंता सामूहिक जिम्मेदारी में बदल गई।
मोहनपुर गांव के एक जरूरतमंद परिवार की बेटी की शादी में सहयोग के लिए टीम साईं की रसोई और शहर के कई संवेदनशील लोग आगे आए। जनसहयोग से जुटाए गए संसाधनों से न सिर्फ विवाह की तैयारी पूरी कराई गई, बल्कि बेटी की नई गृहस्थी बसाने के लिए जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया गया।
सहयोग के तहत बेटी को पांच साड़ियां, तीन सूट, बर्तन सेट, डिनर सेट, हॉट पॉट, बेडशीट, श्रृंगार सामग्री, सैंडल, आयरन, पंखा, मिक्सी, ट्रॉली, गले का सेट तथा वर के लिए कपड़े भेंट किए गए।इतना ही नहीं, लगभग 150 बारातियों के भोजन की व्यवस्था भी समाज के सहयोग से की गई, ताकि विवाह समारोह सम्मानपूर्वक संपन्न हो सके।
अधिक से अधिक लोगों से ऐसे सामाजिक अभियानों से जुड़ने की अपील की गई टीम साईं की रसोई के संस्थापक सदस्य अमित जायसवाल ने कहा कि किसी जरूरतमंद बेटी की शादी में सहयोग करना केवल दान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन है। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही इस तरह के प्रयास संभव हो पाते हैं। संस्था के सदस्य पंकज कुमार, रौनक अग्रवाल और सुमित कुमार ने बताया कि टीम साईं की रसोई केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है। संस्था का प्रयास है कि जरूरत पड़ने पर समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के जीवन में खुशियां भी पहुंचाई जाएं। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. गीता कुमारी और बैंककर्मी प्रेरणा प्रियम ने कहा कि समाज की ताकत उसकी संवेदनशीलता में होती है। जब लोग मिलकर किसी जरूरतमंद परिवार का हाथ थामते हैं, तो मुश्किलें छोटी हो जाती हैं। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से ऐसे सामाजिक अभियानों से जुड़ने की अपील की। इस अभियान में अमित जायसवाल, रौनक अग्रवाल, पंकज कुमार, सुमित कुमार, प्रशांत, अमन कौशिक, सीमा कुमारी, अरविंद कुमार, बबली मस्करा, ओमप्रकाश, रवि कुमार, मुन्ना, गुंजन कुमारी, रूबी कुमारी, किशोरी मिश्रा, पूजा पोद्दार, निखर अग्रवाल सहित कई लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
