“पिता ने बेटी के पुतले की अर्थी निकाली,अंतिम संस्कार किया,मुस्लिम लड़के के साथ भागी थी बेटी
कटिहार में एक युवती को मुस्लिम युवक से प्रेम हो गया। दोनों घर से भाग गए। पुलिस जब उन्हें ढूंढकर वापस लाई, तो युवती ने अपने माता-पिता को पहचानने तक से इनकार कर दिया।इसके बाद पिता ने बेटी का पुतला बनवाकर पूरे मोहल्ले में उसकी अर्थी निकाली और अंतिम संस्कार कर दिया। घर लौटने के बाद उन्होंने श्राद्ध कर्म भी कराया। पिता का कहना है, “मेरी बेटी अब मेरे लिए मर चुकी है।”दरअसल, एक साल पहले 10वीं की कोचिंग में लड़की की मुलाकात गांव के ही एक मुस्लिम युवक से हुई। बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला बढ़ा तो दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। दोनों के घर के बीच 3 किमी की दूरी है।
10वीं की परीक्षा खत्म होने के बाद युवती ने कोचिंग जाना बंद कर दिया, जिससे दोनों की मुलाकात भी रुक गई। बाद में 11वीं में दाखिला लेने के बाद उसने फिर से कोचिंग जाना शुरू किया और दोनों के बीच संपर्क दोबारा होने लगा।12 मई को युवती कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजन ने रौतारा थाना में गुमशुदगी की सूचना दी।
आवेदन में लड़की के लापता होने की बात लिखी गई थी। FIR दर्ज करने के 5 दिन बाद रौतारा पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया। दोनों को कटिहार कोर्ट परिसर लाया गया।कोर्ट में बयान के दौरान लड़की ने अपने माता-पिता को पहचानने तक से इनकार कर दिया। लड़की के बयान के आधार पर पुलिस ने उसके परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल लड़की लड़के के पास रह रही है।
बेटी का पुतला बनाकर अर्थी निकाली
इसके बाद मधु के परिवार वालों ने लड़की के नाम से कुश का पुतला तैयार कराया। उसे अर्थी पर लिटाकर पूरे गांव में अंतिम यात्रा निकाली गई और फिर शमशान घाट ले जाकर हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया।इस दौरान पिता मुनचुन पासवान, दादा राम प्रकाश पासवान और अन्य परिजनों की आंखें नम दिखीं। जिस बेटी को जिगर का टुकड़ा बनाकर पिता ने पाला था उसका जीते जी अंतिम संस्कार होते देख पिता की आंखें भी नम हो गईं।बेटी ने बीच कोर्ट में पिता के साथ जो सलूक किया, उस दर्द ने पिता का सीना पत्थर बना दिया था। परिवार के अन्य सदस्य काफी भावुक नजर आए।
वहीं ,लड़की की मां ने कहा, ‘मेरी बेटी दूसरे धर्म के लड़के के बहकावे में आकर कोचिंग जाने के बहाने घर से भाग गई। हम लोगों को थाना में पहचानने से भी इनकार कर दिया। उसने जो हरकत की है उससे हम लोग काफी शर्मिंदा हैं। उसने एक तरह से हमें मार दिया।’वहीं,रौतारा थानाध्यक्ष ने बताया, ’12 मई को गुमशुदगी की सूचना मिली थी। 5 दिन बाद लड़की को बरामद कर कोर्ट में पेश किया गया। लड़की और लड़का दोनों बालिग हैं। लड़की ने स्वेच्छा से लड़के के साथ रहने और अपने माता-पिता को पहचानने से इनकार किया।बयान दर्ज कर नियमानुसार लड़की को लड़के के सुपुर्द कर दिया गया। दोनों नाबालिग हैं। ये पारिवारिक मामला है।इसमें पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।
9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।
