Bhagalpur

विक्रमशिला सेतु टूटा,दूल्हे ने नाव से पार की गंगा:लिए सात फेरे,दुल्हन भी नाव से ससुराल गई

भागलपुर और कटिहार को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा में टूटकर गिर गया है। इससे कोसी-सीमांचल क्षेत्र का सड़क संपर्क बाधित हो गया है। इस घटना से हजारों लोगों का आना-जाना प्रभावित हुआ है।इसी बीच, झारखंड के साहिबगंज से कटिहार एक बारात आई। दूल्हा राजकुमार (33) अपनी बारात के साथ नाव से गंगा नदी पार कर कटिहार जिले के हसनगंज पहुंचा। उसने तय समय पर शादी की रस्में पूरी की, शादी की रस्में पूरी होने के बाद शुक्रवार सुबह दुल्हन संगीता (30) की विदाई नाव पर हुई। शादी की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है।

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राजकुमार की शादी हसनगंज निवासी रीमा कुमारी से कई महीने पहले तय हुई थी। शादी के कार्ड बंट चुके थे और हलवाई, बैंड-बाजा तथा गाड़ियों की एडवांस बुकिंग भी हो चुकी थी। बारात 7 मई की शाम को निकलने वाली थी।हालांकि, 3 मई की रात विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर लंबा स्लैब टूट गया। इस घटना के बाद भागलपुर-नवगछिया मार्ग पूरी तरह बंद हो गया, जिससे बारात के पहुंचने का रास्ता ब्लॉक हो गया था।

 

दुल्हे के परिवार ने नाव से जाने का फैसला किया

 

इन अचानक बदले हालात में दोनों परिवारों के सामने शादी की तारीख आगे बढ़ाने या किसी भी तरह हसनगंज पहुंचने का विकल्प था। दूल्हे राजकुमार ने बताया कि मुहूर्त निकल जाने पर महीनों इंतजार करना पड़ता और दोनों परिवारों की प्रतिष्ठा का भी सवाल था। इसलिए उन्होंने नाव से जाने का फैसला किया।गुरुवार सुबह राजकुमार 25 बारातियों के साथ सेहरा बांधकर साहिबगंज घाट पहुंचा। उसे वहां से कटिहार के मनिहारी तक का सफर नाव से तय करना था। गंगा में पानी का बहाव तेज था और प्रशासन ने छोटी नावों से आवाजाही पर सतर्कता बरतने को कहा था। इसके बावजूद, 2 बड़ी नावें बुक कर बाराती ढोल-नगाड़ों के साथ रवाना हुए।

 

यह शादी जिंदगी भर याद रहेगी – दुल्हन के पिता

 

लगभग 45 मिनट बाद सभी बाराती सुरक्षित नाव से मनिहारी घाट पहुंचे। मनिहारी में पहले से चार पिकअप वैन तैयार थीं, जिनसे 25 किलोमीटर का सफर तय कर बारात दोपहर 3 बजे हसनगंज पहुंची। दुल्हन के पिता श्याम सुंदर मंडल ने इस शादी के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर खुशी व्यक्त की। श्याम सुंदर मंडल ने कहा, ”हमने सोच लिया था कि बारात नहीं आएगी। मगर जब ढोल की आवाज सुनी तो आंखें भर आईं। यह शादी जिंदगी भर याद रहेगी।”

 

स्थानीय लोगों ने किया स्वागत

 

हसनगंज में बारात पहुंचते ही मोहल्ले के लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। महिलाओं ने लोकगीत गाए। रात में पूरे रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ। दूल्हे के पिता विनोद महतो ने कहा, “पुल टूटने से लगा सब बर्बाद हो गया, लेकिन बेटे की जिद ने रिश्ता जोड़ दिया।”सेहरा बांधे दूल्हे राजकुमार की नाव पर बैठी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हैं। लोग लिख रहे हैं- ‘जब इरादे मजबूत हों तो नदियां भी रास्ता दे देती हैं।’ विक्रमशिला सेतु के कारण हजारों शादियां, परीक्षाएं और इलाज प्रभावित हुए हैं। मगर राजकुमार की बारात ने साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे हों, जज्बा हो तो मंजिल मिल ही जाती है।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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