विद्यापतिनगर में प्रभारी अधिकारी के सहारे चल रहा काम:महीनों से कार्यालय का चक्कर लगा रहे लोग
दलसिंहसराय।विद्यापतिनगर प्रखंड में प्रशासनिक व्यवस्था इन दिनों प्रभारी अधिकारियों के भरोसे चल रही है। प्रखंड और अंचल कार्यालय समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में छह माह से अधिक समय से पूर्णकालिक अधिकारियों की तैनाती नहीं होने से आम लोगों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और फाइलें लंबित पड़ी हैं।
प्रखंड एवं अंचल कार्यालय सहित कई महत्वपूर्ण विभाग लंबे समय से प्रभारी अधिकारियों के भरोसे संचालित हो रहे हैं।
अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण आमजनों से जुड़े आवश्यक कार्यों और आदेशों पर समय पर हस्ताक्षर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे लोगों को कार्यालयों के लगातार चक्कर लगाना पड़ रहा है।प्रखंड स्तर पर प्रशासनिक कार्यों के समन्वय की जिम्मेदारी निभाने वाले इन कार्यालयों के अलावा शिक्षा, सांख्यिकी, खाद्य आपूर्ति, कल्याण, श्रम प्रवर्तन, उद्योग विस्तार तथा पशु चिकित्सा विभाग भी प्रभारी व्यवस्था के तहत चल रहे हैं। कई मामलों में अधिकारी स्तर से नीचे के पदाधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
जानकारी के अनुसार, अधिकांश प्रभारी अधिकारियों के पास दो से तीन अतिरिक्त विभागों की जिम्मेदारी है या वे पहले से ही किसी अन्य स्थान पर पूर्णकालिक पदस्थापित हैं।ऐसे में समय के अभाव के कारण वे नियमित रूप से कार्यालय नहीं पहुंच पाते। इससे फाइलों के निष्पादन में देरी हो रही है और महत्वपूर्ण निर्णय समय पर नहीं लिए जा पा रहे हैं।
कई प्रभारी अधिकारियों को वित्तीय अधिकार नहीं मिलने से विकास एवं प्रशासनिक कार्य और अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
इस स्थिति का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। मऊ बाजार निवासी मोहम्मद मेराज आलम, रौशन कुमार और संजीव कुमार झा सहित कई लोगों ने बताया कि लंबे समय से अधिकारियों की कमी के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अधिकारियों के उपलब्ध नहीं रहने से जरूरी कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं।एक साथ कई विभागों का प्रभार संभाल रहे अधिकारी स्वयं भी अतिरिक्त जिम्मेदारियों से परेशान हैं। वहीं अधीनस्थ कर्मचारी भी महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर के लिए लंबे समय तक इंतजार करते रहते हैं।
गौरतलब है कि गत विधानसभा चुनाव के दौरान कथित कार्य शिथिलता के आरोप में चुनाव आयोग द्वारा निलंबित किए गए बीडीओ मो. महताब अंसारी और अंचलाधिकारी कुमार हर्ष करीब पांच माह पूर्व निलंबन मुक्त हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें पुनः पदस्थापन नहीं मिला है।इधर, प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी राजेश कुमार भगत चार माह पूर्व निगरानी विभाग की कार्रवाई की जद में आए थे।वहीं प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. प्रभात रंजन ने बताया कि उनके पास तीन प्रखंडों का अतिरिक्त प्रभार है, जिसके कारण कार्य निष्पादन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सोर्स :भास्कर।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
