अंतरराज्यीय गिरोह के चार मानव तस्कर धराए:3 किशोरियां बरामद
पटना.जिले में अंतरराज्यीय ट्रैफिकिंग गिरोह सक्रिय है। भटकी व गुस्सा कर घर से निकली बच्चियों को गिरोह शिकार बना रहा है। नालंदा पुलिस की टीम ने राजस्थान में छापेमारी कर रहुई से अपहृत दो किशोरियों को बरामद की है। एक छत्तीसगढ़ राज्य निवासी किशोरी को राजगीर से बरामद किया गया है।
गिरोह के चार शातिर भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। जिसमें दो महिलाएं शामिल हैं। नूरसराय निवासी शातिर महिला बच्चियों को तीन लाख में बेची थीं। तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस ने कार्रवाई की। सदर डीएसपी-2 संजय जायसवाल ने बताया कि रहुई थाना क्षेत्र के एक गांव से 9 अप्रैल को 13-14 वर्षीया दो चचेरी बहन लापता हो गई थीं। परिजन ने अपहरण का केस कराया था। प्रारंभिक जांच में मामला मानव तस्करी का प्रतीत हुआ। जिसके बाद एसपी के आदेश पर अपहृताओं की बरामदगी के लिए टीम का गठन किया गया।
बीकानेर से हुई बरामद, 3 लाख में बेचा था : तकनीक के इस्तेमाल से टीम को अपहृता के राजस्थान के बीकानेर में होने का पता चला। इसके बाद टीम बीकानेर के नया शहर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर दोनों अपहृत किशोरियों को बरामद कर लिया। मौके से चित्तौडगढ निवासी राजेश कुमार उर्फ राजू और उसकी पत्नी अंजली कुमारी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि नूरसराय के बालचंद बिगहा निवासी लगन चौहान की पत्नी धनवंती देवी उर्फ शोभा ने तीन लाख में दोनों किशोरियों को बेचा था।
राजगीर से मिली छत्तीसगढ़ की किशोरी
इसके बाद टीम ने धनवंती देवी और उसके सहयोगी पुरुषोत्तम कुमार को राजगीर ब्रह्मकुंड के समीप से गिरफ्तार कर लिया। मौके से एक अपहृत किशोरी भी बरामद हुई। किशोरी छत्तीसगढ़ के रायपुर जिला के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र की निवासी है। किशोरी को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर उसके माता पिता को इसकी सूचना दे दी गई है। आरोपितों के आपराधिक इतिहास और बेचने के कारणों की जांच की जा रही है। छापामारी टीम में अंचल निरीक्षक मनीष भारद्वाज, डीआईयू शाखा के आलोक कुमार, रहुई थानाध्यक्ष ललित विजय, एसआई सिद्धार्थ आनंद, संतोष कुमार समेत अन्य पदाधिकारी व कर्मी शामिल थे।
कई बच्चियों को बेच चुकी है गिरफ्तार तस्कर धनवंती
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार धनवंती देवी कई बच्चियों को बहला फुसलाकर उसे अगवा कर दूसरे राज्य में बेच चुकी है। बच्चियों को डेढ़ से दो लाख में वह बेचती थी। सूत्रों की मानें तो इसके बाद खरीदार मोटी रकम लेकर किशोरियों को देह व्यापार के दलदल में ढकेल देता था। गिरोह के दलदल में फंसने वाली बच्चियों के खरीद-बिक्री का सिलसिला चलता रहता है। पूछताछ के आधार पर पुलिस गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई है। रहुई से अगवा हुई एक किशोरी के माता-पिता पंजाब में रहते हैं। दोनों चचेरी बहनें पंजाब जाने के लिए बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन पहुंची थीं। जहां से धनवंती देवी दोनों को बहलाकर राजस्थान ले गई और वहां बेच दिया।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
