औरंगाबाद से वाराणसी के लिए जल्द बनेगी सड़क,ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर बनेगा
पटना.औरंगाबाद की विकास यात्रा में वर्ष 2026 एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से जिले में सड़क आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिसका सीधा लाभ औरंगाबाद जिले को मिलने वाला है। जिले में कई राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सड़क परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं, जिनके पूर्ण होने से न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। वाराणसी से औरंगाबाद को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित छह लेन सड़क परियोजना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2026 की पहली छमाही तक इस परियोजना के पूर्ण होने की संभावना है। इसके चालू होते ही उत्तर प्रदेश के रास्ते दिल्ली तक का सफर तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
साथ ही औरंगाबाद से चोरदाहा तक का सिक्स लेन खंड भी शीघ्र पूरा होने वाला है, जो झारखंड और पश्चिम बंगाल की दिशा में आवागमन को सुगम बनाएगा। आमस-दरभंगा एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य भी जारी है। यह परियोजना पहले वर्ष 2025 तक पूर्ण होने की योजना थी, लेकिन अब इसे 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस हाईवे की खासियत यह होगी कि इसमें प्रवेश और निकास के सीमित बिंदु होंगे, जिससे वाहनों को बिना किसी अवरोध के तेज गति से चलने की सुविधा मिलेगी।आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे बिहार के दक्षिणी छोर पर औरंगाबाद जिले के एनएच-19 से शुरू होकर गया, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर होते हुए दरभंगा तक जाएगा, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। यह मार्ग नेपाल तक की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा।
चार पैकेज में बन रहे इस ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का तीसरा पैकेज औरंगाबाद क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एसएच-49 के ऊपर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहीं, भारतमाला परियोजना के अंतर्गत वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे का निर्माण भी जिले में तेजी से जारी है। यह एक्सप्रेसवे औरंगाबाद के नबीनगर, कुटुंबा एवं देव प्रखंडों से होकर गुजरेगा। जिले में इसकी कुल लंबाई 40.2 किलोमीटर निर्धारित की गई है, जिसके लिए 345.3 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद औरंगाबाद जिले की कनेक्टिविटी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी। इससे जहां एक ओर लोगों का सफर आसान होगा, वहीं दूसरी ओर व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
