Samastipur

समस्तीपुर:दुकानदार के बेटे की UPSC में 143वीं रैंक:रिजाइन कर सैलरी के पैसे कोचिंग में दिए

समस्तीपुर जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर ताजपुर के कोठिया सरबरगंज निवासी जेनरल स्टोर दुकानदार अरुण चौधरी के बेटे आयुष कुमार ने दूसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा क्रैक की। उन्हें 143 रैंक आया। इस सफलता को पाने के लिए आयुष ने कड़ी मेहनत की। यह सफलता उन्हें दूसरे प्रयास में मिला।2024 में पहले प्रयास में वह इंटरव्यू तक गए। कमजोर रहने के कारण सफलता नहीं मिली। रिजल्ट सीट देखने के बाद उन्होंने अगली परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।

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आठवीं तक की पढ़ाई डीएवी समस्तीपुर से की

 

आयुष ने आठवीं तक की पढ़ाई डीएवी समस्तीपुर से की। नौवीं और दसवीं नवोदय विद्यालय विरौली से करने के बाद 10 +2नवोदय विद्यालय हैदाराबाद से किया। पहले ही प्रयास में आईआईटी क्रैक किया। आईआईटी खड़कपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया।

 

 

आयूष के घर पर बधाई देने वालों की भीड़ है।

2 साल तक सैमसंग रिसर्च बेंगलुरू में नौकरी की

 

बीटेक करने के बाद 2021- 23 तक सैमसंग रिसर्च बेंगलुरू में नौकरी की। आयुष ने बताया कि इसी दौरान दिमाग से एक बात आयी कि आज से 50 साल बाद इस कंपनी में काम करता रहा तो कोई पहचानने वाला नहीं होगा।

 

सामाजिक पहचान बने इसके लिए सिविल सेवा में जाना बेहतर होगा। दिमाग में यह विचार आते पिता को बताया। पिता ने मना नहीं किया। अगले ही दिन नौकरी से रिजाइन कर दिया। मार्च 2023 में दिल्ली पहुंच कर तैयारी शुरू कर दी। इस दौरान एक कोचिंग से भी जुड़ा। इसके साथ ही यूपीएससी की तैयारी में मदद करने वाले एक एनजीओ के भी संपर्क में आया। जहां से मदद मिलती रही। दो सालों तक नौकरी से जो पैसा कमाया था, उस पैसे का उपयोग कोचिंग में किया।

 

 

आयूष की सफलता से घर के आसपास के लोग खुश है।

कैसे बनाया पढ़ाई का शेड्यूल

 

आयुष ने बताया कि 10-12 घंटे तक अपनी पढ़ाई कमरे में बंद हो कर करना शुरू किया। इसके बाद कोचिंग जाता था। ऑफश्नल विषय मैथ और जीके पर फोक किया। कोचिंग से यह निर्देशन मिलता रहा कि क्या पढ़ना है और क्या नहीं पढना है। जिससे तैयारी में आसानी हुई। 2023 से परीक्षा की तैयारी की। 2024 में पहली बार परीक्षा में शामिल हुआ। पहले ही प्रयास में सफलता मिली।

 

 

आयुष के माता-पिता उसकी सफलता से खुश है।

इंटरव्यू के लिए बुलावा आया। लेकिन सफलता नहीं मिली। रिजल्ट सीट देखने के साथ ही अगली परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। 2025 में आयोजित परीक्षा में दूबारा सफलता मिली। 10-12 घंटे तक सेल्फ स्टडी की।इस दौरान सिलेवस को रिवाइज किया। बार-बार प्रशन और उत्तर को लिखा।

 

मैथ की प्रैक्टिस की। दो घंटा सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहा। जिससे जीके और एआई से संबंधित जानकारी मिलने में सहायता मिली। नियमित रूप से अंग्रजी और हिन्दी अखबारों में संपादकीय के साथ ही घटना क्रम को पढता रहा। जिससे देश दुनिया की नवीनतम जानकारी मिलती रही। अखबार पढने का ही नतिजा हुआ कि इंटरव्यू में यूजीसी से जुड़ा सवाल पूछा गया। जिसके उत्तर से सलेक्टर संतुष्ट हुए।

 

20-25 मिनट तक चला इंटरव्यू

 

आयुष ने बताया कि इंटरव्यू 20-25 मिनटों तक चला। इस दौरान सलेक्टर किताबों से कम आपके बायोडाटा पर ज्यादा सवाल करते हैं। पहला सवाल था आपने सैंमसंग की नौकरी क्यो छोड़ दी। जिस पर उन्होंने बताया कि इस नौकरी से वह संतुष्ट नही थे। सामाजिक पहचान के साथ ही देश के लिए कुछ करना चाहते हैं। उनके उत्तर से सलेक्टर संतुष्ट दिखे। जिसके बाद हॉवी, परिवार वालों के बारे में, एआई समीट में हुए विरोध से जुड़ा हुआ सवाल भी उनसे पूछा गया। करीब 20 सवाल किए गए थे। जिसमें ज्यादातर उनके सीवी से जुड़ा हुआ था।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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