Patna

बिहार में 19 हजार किलोमीटर सड़कों की सूरत संवरेगी, 7 साल तक मेंटेन रहेगी

पटना.बिहार की सड़कों को अगले 7 सालों तक चकाचक और गड्ढा मुक्त रखने के लिए सरकार ने एक मेगा प्लान तैयार किया है। राज्य की 19,353 किलोमीटर स्टेट हाईवे (एसएच) और मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड्स (एमडीआर) के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी अब निजी एजेंसियों के पास होगी।

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पथ निर्माण विभाग ने ‘लॉन्ग टर्म मेंटिनेंस पॉलिसी’ के तहत इन सड़कों को वर्ष 2026 से 2033 तक मेंटेन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभाग ने पूरे राज्य की सड़कों को 100 पैकेजों में विभाजित किया है। इसमें क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें सबसे अधिक दक्षिण बिहार के लिए सबसे अधिक 41 पैकेज तैयार किए गए हैं। उत्तर बिहार की सड़कों के लिए 39 पैकेज बनाए गए हैं। सीमांचल क्षेत्र के लिए 20 पैकेजों में टेंडर की प्रक्रिया पूरी होगी।

 

राज्य सरकार के अधीन 3617 किलोमीटर स्टेट हाइवे और 16784 किलोमीटर एमडीआर यानी कुल 20401 किलोमीटर सड़क हैं। इनमें मात्र 1048 किलोमीटर सड़क ही अभी निर्माण अवस्था में हैं। यानी इस बार कुल 20401 किलोमीटर सड़क में से 19353 किलोमीटर सड़क मेंटेन करने की परिधि में आ गए हैं। इस सड़कों को चुस्त-दुरुस्त और सही समय पर रखरखाव (मोटरेबुल) रखना पथ निर्माण विभाग की जिम्मेवारी है।

 

स्टेट हाइवे और जिलों की मुख्य सड़कें मेंटेन रखने के लिए बनी थी पॉलिसी

 

2014 में सरकार ने पहली बार अपनी बनी स्टेट हाइवे और जिलों की मुख्य सड़कें को दुरुस्त रखने के लिए बिहार पथ आस्तियां अनुरक्षण नीति लागू की थी। पहली बार 9064 किलोमीटर स्टेट हाइवे और एमडीआर का चयन कर 2013 से 2018 के बीच 5 सालों के लिए मेंटेन करने के लिए एजेंसियों को सौंपा गया। उसकी सफलता को देखते हुए फिर ओपीआरएमसी के सेकेंड फेज में 13064 किलोमीटर स्टेट हाइवे और एमडीआर का चयन कर वर्ष 2019 से 2026 तक मेंटेन करने की जिम्मेवारी एजेंसियों को दी गई है।

 

अब एआई एंड मशीन लर्निंग सिस्टम से सड़क की मॉनिटरिंग होगी

 

पथ निर्माण विभाग ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग (एआईएमएल) सिस्टम से सड़कों की मॉनिटरिंग करने का फैसला किया है। इसमें इंजीनियर स्तर पर मॉनिटरिंग की गड़बड़ी रोकी जा सकेगी। अभी मुख्यालय में स्थापित कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के माध्यम से इंजीनियरों द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है।

 

विभागीय स्तर पर मेंटेनेंस कार्यों की समीक्षा के लिए उड़नदस्ता टीमों का गठन भी होता है। सभी 38 जिलों के डीएम को भी रोड मेंटेनेंस पॉलिसी के तकनीकी पहलू से अवगत कराते हुए मेंटेनेंस कार्य की सघन, प्रभावकारी और नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश है।

 

निर्बाध सफर के लिए 7 साल का ‘सुरक्षा कवच’

 

यह तीसरी बार है जब सरकार इस नीति को अपना रही है। पहली बार 2013-18 (5 वर्ष) और दूसरी बार 2019-26 (7 वर्ष) के लिए एजेंसियों को काम सौंपा गया था। वर्तमान अनुबंध 2026 में समाप्त हो रहा है, जिसे देखते हुए विभाग ने अगले सात सालों के लिए इस्टीमेट और टेंडर को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य की कोई भी मुख्य सड़क खराब न हो और ट्रैफिक बिना किसी बाधा के चलता रहे।

 

क्षेत्र पैकेजों की संख्या अवधि

 

उत्तर बिहार 39 पैकेज 2026-2033

 

दक्षिण बिहार 41 पैकेज 2026-2033

 

सीमांचल 20 पैकेज 2026-2033

 

कुल सड़क 19,353 किमी 7 वर्ष

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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