तीन असफलताओं के बाद पूजा की बीएसएफ में हो ही गई चयनित
बेगूसराय.बीहट के जागीर टोला वार्ड-29 की बेटी पूजा कुमारी ने यह साबित कर दिया कि लगातार असफलताओं के बावजूद अगर हौसला बना रहे तो मंजिल जरूर मिलती है। तीन बार असफल होने के बाद आखिरकार 2025 की एसएससी जीडी परीक्षा में सफलता हासिल कर पूजा का चयन बीएसएफ के लिए हो गया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
पूजा मजदूर पिता शंभु सिंह और सिलाई-कढ़ाई कर परिवार चलाने वाली मां शोभा देवी की बेटी हैं। मैट्रिक के बाद उन्होंने इंटर में नामांकन कराया, लेकिन 2021 में इंटर की परीक्षा में असफल हो गईं। यह उनके जीवन का कठिन मोड़ था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दोबारा तैयारी कर 2022 में इंटर पास किया और इसके बाद सेना में भर्ती होने का सपना लेकर तैयारी शुरू कर दी। 2023 में पूजा ने पहली बार एसएससी जीडी परीक्षा दी और लिखित परीक्षा पास कर ली, लेकिन फिजिकल टेस्ट में बाहर हो गईं। अगले साल 2024 में उन्होंने फिर परीक्षा दी, इस बार भी लिखित में सफलता मिली, लेकिन फिजिकल में असफलता हाथ लगी। लगातार दो झटकों के बाद भी पूजा का आत्मविश्वास नहीं टूटा।
सिद्धपीठ बड़की दुर्गा शिक्षण संस्थान के शिक्षक मुकेश कुमार और अंशु कुमार के मार्गदर्शन में उन्होंने तीसरे प्रयास की तैयारी शुरू की। चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी भी पूजा के कंधों पर थी। आर्थिक दबाव और लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। 2025 में तीसरे प्रयास में उन्होंने लिखित और फिजिकल दोनों परीक्षा पास कर ली और बीएसएफ के लिए चयनित हो गईं। पूजा कहती हैं कि उनके पास हार मानने का विकल्प नहीं था। परिवार की जिम्मेदारी और जीत की जिद ही उनकी ताकत बनी। उनकी सफलता से परिवार और गांव के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं। यह कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो असफलता के बाद अपने सपनों से समझौता कर लेते हैं।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
