50 FIR, 9 मर्डर,3 लाख का इनाम,अब मुंगेर में नक्सली का सरेंडर:17 साल की क्राइम हिस्ट्री
पटना.मुंगेर.मैं अपनी गलतियों के लिए माफी मांगता हूं… अब बंदूक नहीं, परिवार के साथ सामान्य जिंदगी जीना चाहता हूं।’मंच से यह कहते हुए नक्सली सुरेश कोड़ा ने तीन बार ‘STF जिंदाबाद’ के नारे लगाए और सरेंडर कर दिया।
बिहार के मुंगेर जिले में लंबे समय से सक्रिय और भाकपा (माओवादी) का स्पेशल एरिया कमांडर सुरेश कोड़ा पर 3 लाख रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस का दावा है कि उसके सरेंडर से बिहार के 23 जिले नक्सल मुक्त हो गए हैं।सुरेश कोड़ा मुंगेर, लखीसराय और जमुई के पहाड़ी क्षेत्रों में हाल के दिनों तक सक्रिय रहा है। उसपर 50 से अधिक केस दर्ज हैं। हालांकि अब वह हथियार छोड़कर नई जिंदगी की शुरुआत की है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट
कैसे हुआ सरेंडर, सिलसिलेवार जानिए घटनाक्रम…
मुंगेर पुलिस ने सुरेश कोड़ा से जमा कराए हथियारों की जानकारी ली।
मुंगेर पुलिस केंद्र में सुरेश कोड़ा ने DIG राकेश कुमार के सामने हथियार रखकर सरेंडर किया। उसने एक AK-47, एक AK-56, दो इंसास राइफल और 505 जिंदा कारतूस पुलिस को सौंपे।इस दौरान DIG के अलावा DM और STF के अधिकारी मौजूद थे। सुरेश कोड़ा मुंगेर जिले के लड़ैयांटांड थाना क्षेत्र के पैसरा गांव का रहने वाला है।
खुद के सरेंडर की जानकारी और उसका कारण बताते सुरेश कोड़ा।
2008 में सुरेश पर दर्ज किया गया पहला केस
2008 में सुरेश पर पहला केस दर्ज किया गया और जुलाई 2025 तक उसके खिलाफ केस दर्ज होते रहे। जुलाई 2025 में हवेली खड़गपुर के राजासराय-कंदनी जंगल में STF से उसकी बड़ी मुठभेड़ हुई थी। दोनों तरफ से भारी गोलीबारी हुई थी।घायल होने की खबर के बावजूद वह जंगल का फायदा उठाकर भाग निकला था। तब से सुरक्षा बल लगातार उसकी तलाश में थी। सुरेश का नाम कई बड़ी वारदातों से जुड़ी थी।इनमें चौकीदार की हत्या, विस्फोट और आगजनी, मुखिया की हत्या, दो भाइयों की हत्या, एसएसबी जवान की हत्या और लेवी नहीं देने पर वाहनों को जलाना। इसके साथ ही कई बार पुलिस से मुठभेड़ में भी वह शामिल रहा है।
DIG बोले- बिहार के 23 जिले नक्सल मुक्त
मुंगेर रेंज के DIG राकेश कुमार ने कहा कि सुरेश कोड़ा के आत्मसमर्पण के बाद न केवल मुंगेर जिला, बल्कि बिहार आधिकारिक तौर पर नक्सल मुक्त हो गया है। वर्तमान समय में बिहार में कोई भी हथियारबंद नक्सली सक्रिय नहीं है।DM निखिल धनराज निप्पीणीकर ने कहा कि यह मुंगेर और बिहार के लिए गौरव का क्षण है। भारत सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सुरेश कोड़ा को मिलने वाले लाभ शीघ्र प्रदान किए जाएंगे। अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य किए जाएंगे।
STF जिंदाबाद का नारा लगाया
आत्मसमर्पण के बाद सुरेश ने कहा, ‘मुझसे जो गलती हुई, उसके लिए हम माफी मांगता है। अब हम सामान्य जिंदगी जीना चाहता है और परिवार के साथ रहना चाहता है। इस दौरान उसने तीन बार “STF जिंदाबाद” के नारे भी लगाया।
हिरण के सींग और 865 गोलियां मिली
मई-जून 2025 की बात है। सुरक्षा एजेंसियों को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि हवेली खड़गपुर के राजासराय-कंदनी जंगल इलाके में नक्सलियों की गतिविधि बढ़ गई है।इसी दौरान एसएसबी ने जंगल में एक घर पर छापेमारी की। इसमें 865 गोलियां और हिरण के चार सींग बरामद किए। इसके बाद जून महीने में खड़गपुर जंगल में एक बम भी डिफ्यूज किया गया।
इन घटनाओं के बाद साफ हो गया था कि इलाके में नक्सली सक्रिय हैं और बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इनपुट मिलने के बाद STF ने डीएसपी सुनील कुमार के नेतृत्व में जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम राजासराय इलाके में पहुंची तो नक्सलियों से आमना-सामना हो गया।अचानक दोनों तरफ से गोलियां चलनी शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में करीब 100 राउंड गोलियां चलीं। अंधेरा और घना जंगल होने की वजह से नक्सली मौके का फायदा उठाकर भाग निकले।इसके बाद हवेली खड़गपुर थाने में सुरेश कोड़ा समेत तीन नामजद और कई अज्ञात नक्सलियों पर केस दर्ज किया गया।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
