सरस्वती पूजा के पंडाल से गायब हुई थी बच्ची:4 साल से मां को बेटी का इंतजार
मुजफ्फरपुर में सरस्वती पूजा की रौनक है। शहर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के पमरिया टोला में भी पंडाल सजे हैं। यहां चार साल पहले छह साल की बच्ची ‘खुशी’ लापता हो गई थी। आज भी मां को अपनी बेटी का इंतजार है।
खुशी की मां कहती है कि अब बच्ची 10 साल की हो गई होगी। मैं उसकी याद में रोज रोती हूं। पुलिस ने सही से खोजा ही नहीं है। इसलिए अब तक बेटी नहीं मिली है।
खुशी 16 फरवरी 2021 को सरस्वती पूजा के दिन ही लापता हो गई थी। उस समय वह छह साल की थी और अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। दोपहर के समय वह अपनी मां की नजरों से ओझल हुई और फिर कभी वापस नहीं लौटी। खुशी के लापता होने के बाद, उसके पिता राजन साह ने तुरंत ब्रह्मपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने हर जगह तलाशी ली, लेकिन खुशी का आज तक कोई सुराग नहीं मिला है।
मां को अपनी बच्ची का इंतजार है।
परिवार की गुहार पर पटना हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) को सौंपी गई। परिवार को लगा कि शायद अब उनकी बिटिया मिल जाएगी, लेकिन अफ़सोस कि पांच साल बीत जाने के बाद भी सीबीआई के हाथ खाली हैं।
पंडाल में मां की बेबसी और अटूट विश्वास
आज एक बार फिर वही सरस्वती पूजा है। पंडाल वही है, लोग वही हैं, बस उस चहल-पहल के बीच खुशी गायब है। खुशी की मां आज अपने हाथों में अपनी लाडली की तस्वीर लिए, आंखों में आंसुओं का सैलाब दबाएबस एक ही प्रार्थना कर रही है— “हे मां, मेरी बेटी को लौटा दो।”मोहल्ले के लोग बताते हैं कि हर साल पूजा के दिन वह मां इसी उम्मीद में पंडाल में बैठती है कि शायद भीड़ में से दौड़ती हुई उसकी खुशी आएगी और उसे ‘मां’ कहकर गले लगा लेगी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
