5 दिनों से लापता युवक की मिली लाश:परिजन ने सड़क जाम किया,पुलिस ने बिना बताए अंतिम संस्कार कर दिया
मुजफ्फरपुर में 5 दिनों से एक युवक लापता था । पुलिस को लापता युवक का शव 4 दिन पहले मिला है। इसके बाद 72 घंटे लाश रख कर पुलिस ने अज्ञात शव के तौर पर अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर आज लापरवाही का आरोप लगा कर आज सड़क जाम कर प्रदर्शन किया है।सकरा थाना क्षेत्र के रामपुर कृष्ण गांव से 15 जनवरी को मनीष कुमार लापता हुआ था। परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया।
मनीष 15 जनवरी को अपनी मां की दवा लेने घर से निकला था। इसके बाद वो वापस नहीं लौटा। परिजनों के मुताबिक, उसी रात करीब 10:30 बजे मनीष ने मोबाइल पर आखिरी बार बात करते हुए कहा था कि वह “बस दस मिनट में पहुंच रहा हूं”। इसके तुरंत बाद उसका फोन बंद हो गया।
17 जनवरी को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की शिकायत
मनीष के लापता होने के बाद परिजनों ने पहले अपने स्तर पर खोजबीन की। कोई सुराग नहीं मिलने पर 17 जनवरी को सकरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।परिजनों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के पांच दिन बाद भी पुलिस से कोई ठोस जानकारी नहीं मिली।मनियारी थाना क्षेत्र में एक युवक का शव बरामद हुआ। पुलिस ने नियमानुसार शव को 72 घंटे तक अस्पताल में रखा, लेकिन पहचान न होने के कारण उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बाद में परिजनों को पुलिस से जानकारी मिली कि लापता युवक के मृत होने और शव के दाह संस्कार की सूचना दी गई थी। इसके बाद परिजनों ने आशंका जताई कि कहीं वह अज्ञात शव मनीष का ही तो नहीं था। इसी सवाल को लेकर परिजन और ग्रामीण लगातार पुलिस से जवाब मांग रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर हंगामा
स्पष्ट जानकारी न मिलने से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मारकन चौक पर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया।आज घंटों तक चले जाम के कारण मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर एनएच पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम हटाया गया।
डीएसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 15 जनवरी को एक युवक के अपहरण की सूचना मिली थी। 16 जनवरी को मनियारी थाना क्षेत्र में एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था, जिसकी पहचान नहीं हो पाई थी। नियमानुसार शव को 72 घंटे तक अस्पताल में रखा गया और पहचान न होने पर अंतिम संस्कार किया गया।
सकरा थाने में प्राथमिकी दर्ज है और मामले की जांच व कार्रवाई की जा रही है।हालांकि, मनीष कुमार के परिजन अब भी संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि यह स्पष्ट जवाब चाहिए कि मनियारी में मिला शव किसका था और क्या वह मनीष कुमार ही था। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने स्थानीय लोगों और परिजनों से बातचीत की और कहा कि स्थानीय थाना स्तर से लापरवाही की गई है। अपहरण का कांड दर्ज था, तो विभिन्न पहलुओं पर जांच पड़ताल की जा रही थी। पुलिस को और एक्टिव होकर काम करना चाहिए था। सभी मामलों को देखा जा रहा है। कई लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है । पूरे मामले में गहन छानबीन और पड़ताल होगी, जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी ।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
