तीन साल बाद घर लौटी दलसिंहसराय की बेटी, कथित मानव तस्करी के जाल से निकलकर पहुंची घर
दलसिंहसराय,तीन साल तक बेटी की तलाश में दर-दर भटकते रहे माता-पिता की आंखें आखिरकार उस दिन नम हो गईं,जब उनकी लापता बेटी अचानक घर लौट आई.27 मई 2023 को लापता हुई लड़की की सकुशल वापसी ने परिवार खुश है.
दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के एक गांव की लड़की के लापता होने के बाद पुलिस ने बिहार,पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश तक तलाश अभियान चलाया था.नेपाल सीमा से सटे इलाकों और रेड लाइट एरिया में भी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला.मामला इतना गंभीर हुआ कि हाईकोर्ट ने समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक और अनुसंधानकर्ता को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया था.अब करीब तीन साल बाद लड़की की वापसी से मामले में नया मोड़ आ गया है.
समस्तीपुर स्टेशन से गायब हुई थी।
जानकारी के अनुसार, 27 मई 2023 को गांव के ही दो लड़कों ने लड़की को समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर पटना जाने वाली ट्रेन में बैठाया था. इसके बाद वह परिजनों की पहुंच से दूर हो गई.बताया जाता है कि पटना जंक्शन पर उसकी मुलाकात कथित तौर पर मानव तस्करी गिरोह से जुड़ी एक महिला से हुई.आरोप है कि महिला ने उसे खाना दिया और अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई.इसके बाद लड़की लंबे समय तक घर नहीं लौट सकी.परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे रहे.पुलिस ने भी कई स्तरों पर खोजबीन की, लेकिन तीन साल तक लड़की का कोई ठोस सुराग नहीं मिला.
फल बेचने वाला युवक बना मददगार।
लंबे समय तक बंगाल के इस्लामपुर में रहने के दौरान लड़की की मुलाकात बिहार के एक युवक से हुई,जो वहां फल बेचने का काम करता था.बताया जाता है कि लड़की की परिस्थितियों की जानकारी मिलने पर युवक ने उसकी मदद की.उसकी सहायता से लड़की कथित तौर पर गिरोह के चंगुल से बाहर निकलने में सफल रही.इसके बाद उसे किशनगंज लाया गया.वहां से पटना होते हुए वह दलसिंहसराय स्थित अपने घर पहुंची.घर लौटने से पहले लड़की ने इंस्टाग्राम चैट के जरिए अपने चचेरे भाई को पटना से घर आने की जानकारी दी थी. बताया जाता है कि बातचीत के दौरान वह भावुक होकर रोने लगी थी.
पप्पू यादव ने परिवार से मिलकर उठाया था मामला
लड़की की बरामदगी की मांग को लेकर जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने मोख्तियारपुर-सलखन्नी पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी.उन्होंने लड़की की मां को बेटी की सकुशल वापसी के लिए हरसंभव प्रयास का भरोसा दिया था.साथ ही तत्कालीन एसपी और डीएसपी से फोन पर बात कर जल्द बरामदगी की मांग की थी.वही बेटी की तलाश में मां ने सीपीआईएम के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना दिया था. महिला संगठन ऐडवा की नीलम देवी के नेतृत्व में दलसिंहसराय थाना परिसर में प्रदर्शन कर पुलिस से लड़की की जल्द बरामदगी की मांग भी उठाई गई थी.करीब तीन साल बाद लड़की के घर लौटने से परिवार ने राहत की सांस ली है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम की परतें खुलनी अभी बाकी हैं. पुलिस अब लड़की से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह इतने लंबे समय तक कहां रही, उसे बंगाल कौन ले गया और उसकी वापसी में किन लोगों ने मदद की.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
