दृश्यम फिल्म देख समस्तीपुर में पिता की हत्या:आरोपी बेटा गुजरात से गिरफ्तार,मोबाइल बंद कर भागा था
समस्तीपुर जिले के हलई थाना क्षेत्र के दरवा गांव में 26 जुलाई की रात दरवाजे पर सो रहे किसान रघुवीर सहनी की हत्या का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा किया।पुलिस के मुताबिक, हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि रघुवीर के बेटे शिव शंकर सहनी ने की थी। पुलिस ने आरोपी को सूरत से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
फिल्म देखकर फोन फेंक कर भागा था
पूछताछ में शिव शंकर ने बताया उसने हत्या की योजना अजय देवगन की दृश्यम फिल्म से प्रेरित होकर बनाई थी। फिल्म में पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल फोन को दूसरी जगह भेजने का तरीका दिखाया गया था। इसी तर्ज पर आरोपी ने अपना मोबाइल सूरत से निकलने से पहले बंद कर दिया, ताकि पुलिस को उसकी आखिरी लोकेशन सूरत में मिले।लेकिन हत्या के बाद पत्नी से फोन पर बात करना उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। इसी कॉल के जरिए पुलिस को उसके मूवमेंट पर शक हुआ और जांच आगे बढ़ी।
घर की कुल्हाड़ी से पिता के सिर पर किया था चार बार वार
पुलिस के अनुसार, शिव शंकर सूरत से ट्रेन के जरिए पटना पहुंचा। वहां से हाजीपुर और फिर पटोरी स्टेशन गया। रात करीब 8 बजे पटोरी उतरने के बाद वह टोटो से जोरपुरा चौक पहुंचा। इसके बाद करीब 4 किलोमीटर खेत के रास्ते पैदल चलकर अपने घर पहुंचा।रात करीब 12 बजे घर के सामने का दरवाजा बंद मिला। इसके बाद वह पीछे के दरवाजे से घर में दाखिल हुआ। पुलिस के मुताबिक, घर की एक कोठरी में उसे कुल्हाड़ी मिली। वह कुल्हाड़ी लेकर दरवाजे पर पहुंचा, जहां उसके पिता सो रहे थे।
आरोप है कि शिव शंकर ने सो रहे रघुवीर सहनी के सिर पर कुल्हाड़ी से चार वार किए। हत्या के बाद उसने कुल्हाड़ी वहीं फेंक दी और उसी रास्ते से वापस निकल गया।इसके बाद वह लगुनिया स्टेशन पहुंचा और वहां से पटोरी होते हुए पटना गया। सुबह पटना पहुंचने के बाद वह पुणे-पटना एक्सप्रेस से वापस सूरत चला गया।
फोन बंद करके पुलिस को गुमराह करने का था प्लान
पुलिस के मुताबिक, शिव शंकर ने सूरत से निकलने से पहले अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था। उसका मकसद पुलिस को उसकी लोकेशन से गुमराह करना था।हत्या के बाद भी मोबाइल बंद रहा। लेकिन सूरत लौटते समय उसने मोबाइल चालू किया और पत्नी से बातचीत की। इसी दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला।
लोकेशन ट्रेस करने पर पुलिस को मिला सुराग
पुलिस ने जब कॉल डिटेल और टावर लोकेशन की जांच की तो 26 जुलाई की रात पत्नी से बातचीत का रिकॉर्ड मिला। इस दौरान मोबाइल की लोकेशन पटोरी में मिली थी। इसके बाद फोन बंद हो गया। करीब 36 घंटे बाद मोबाइल दोबारा ऑन हुआ तो उसकी लोकेशन सूरत मिली।
रघुवीर सहनी की हत्या के बाद शिव शंकर लगातार कई दिनों तक परिवार से दूर रहा। पिता की मौत के बावजूद उसके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने पर गांव और परिवार में चर्चा शुरू हो गई।पुलिस के अनुसार, शिव शंकर की मां ने भी उस पर हत्या का शक जताया था। जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे साक्ष्य मिले, जिनसे शक शिव शंकर पर गहराता गया।
पटोरी के डीएसपी बीके मेधावी ने बताया कि पूछताछ में शिव शंकर ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और वारदात से जुड़ी जानकारी दी।पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि उसका अपने पिता और पत्नी से अक्सर विवाद होता था। इसी विवाद से परेशान होकर उसने पिता की हत्या की योजना बनाई। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि वह कुछ जमीन बेचना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहा था।
26 जुलाई की रात हुई थी हत्या
दरवा गांव में 26 जुलाई की रात रघुवीर सहनी घर के दरवाजे पर सो रहे थे। इसी दौरान उनकी कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। कुल्हाड़ी घर में ही रखी थी।कुल्हाड़ी घर की होने और वारदात के तरीके को देखते हुए पुलिस को शुरुआत से ही शक था कि हत्या में किसी नजदीकी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है। जांच आगे बढ़ने पर बेटे शिव शंकर का नाम सामने आया।पुलिस अब आरोपी के बयान, कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
