मुसरीघरारी के पूजा पंडाल में दहाड़ेगा सिंह इलेक्ट्रॉनिक झांकी में दिखेगा समुद्र मंथन
Samastipur,मुसरीघरारी चौराहा के निकट इस वर्ष दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बंगाल के कलाकारों द्वारा बंगाल की शैली में भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, कुशल मूर्तिकारों द्वारा मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पूजा पंडाल की विशेष सजावट और इलेक्ट्रॉनिक चलंत झांकियां इस बार श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगी।
मुसरीघरारी चौराहा राष्ट्रीय राजमार्ग-28, राष्ट्रीय राजमार्ग-322 और मुसरीघरारी-समस्तीपुर मुख्य मार्ग के समीप स्थित होने के कारण यहां दुर्गा पूजा के दौरान दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। पूजा समिति की ओर से हर वर्ष कुछ नया करने का प्रयास किया जाता है। इस बार भी पंडाल और झांकियों को भव्य रूप देने की तैयारी चल रही है।पूजा से जुड़े लोगों के अनुसार, मुसरीघरारी में करीब चार दशक से दुर्गा पूजा का आयोजन हो रहा है। शुरुआती दौर में जब चलंत प्रतिमाओं और इलेक्ट्रॉनिक झांकियों का चलन बहुत कम था, तब से यहां मां दुर्गा की चलंत प्रतिमा और सिंह के दहाड़ने का दृश्य श्रद्धालुओं को आकर्षित करता रहा है। समय के साथ इसमें नई तकनीक और नए दृश्य जोड़े जाते रहे हैं।इस बार इलेक्ट्रॉनिक चलंत यंत्रों के माध्यम से समुद्र मंथन, गंगा के अवतरण, आरती का दृश्य, झांकी निकलने और महिषासुर वध जैसे दृश्य प्रस्तुत किए जाएंगे। चलंत झांकियों में देवी-देवताओं की गतिविधियों को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को दृश्य जीवंत प्रतीत हो। इसके साथ ही साउंड सिस्टम के माध्यम से मां दुर्गा, अन्य देवी-देवताओं, सिंह और महिषासुर की आवाजें सुनाई देंगी। सिंह की दहाड़ और युद्ध के दौरान होने वाली ध्वनियों से पूरा वातावरण भक्तिमय होने के साथ रोमांचक भी नजर आएगा।
पूजा समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि पंडाल और झांकियों को अंतिम रूप देने के लिए बंगाल के कलाकार लगातार काम कर रहे हैं। कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं। पंडाल की बनावट, सजावट, रोशनी और चलंत झांकियों को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को हर वर्ष कुछ नया देखने को मिले। नवमी, दशमी और एकादशी के दिन यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ती है। शाम से ही पंडाल और झांकियों को देखने के लिए लोगों की कतार लगने लगती है। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा घंटों कतार में खड़े होकर मां दुर्गा के दर्शन और इलेक्ट्रॉनिक झांकियों का आनंद लेते हैं। चौराहा के प्रमुख मार्गों के समीप पूजा आयोजन होने के कारण भीड़ को नियंत्रित करना भी समिति और प्रशासन के लिए चुनौती रहता है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार ‘मुसरीघरारी में आएंगी गंगा’ की थीम और इलेक्ट्रॉनिक चलंत झांकियां श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनेंगी।”
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
