Patna

15 अक्टूबर से खनन:राज्य में 200 घाटों से बालू खनन होगा,85 नए घाट भी खुलेंगे

पटना,बिहार में चार महीने के बाद 15 अक्टूबर से एक बार फिर बालू खनन शुरू होने जा रहा है। खान एवं भूतत्व विभाग की ओर से पहले चरण में राज्य के 200 अधिकृत घाटों से खनन शुरू करने की तैयारी है। इसके साथ ही लगभग 85 नए घाटों को भी चिह्नित किया गया है, जहां कानूनी और पर्यावरणीय प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद खनन शुरू कराया जाएगा।

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बिहार में हर साल बारिश के मौसम में 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों में खनन पर पूरी तरह से रोक रहती है।

विभाग नए चिह्नित घाटों पर पानी का स्तर नीचे आने के बाद जांच की प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके लिए जियोलॉजिकल सर्वे, स्टेट एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ जैसी

 

वैधानिक औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं।

सभी विभागों से हरी झंडी मिलने के बाद ही नए घाटों से उठाव शुरू होगा। नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाए बिना खनन के लिए विभाग गंगा, गंडक, सोन, पुनपुन, कोसी, घाघरा और बूढ़ी गंडक सहित 12 प्रमुख नदियों में आधुनिक हाइड्रोलॉजिकल और सेडिमेंटोलॉजिकल डेटा संग्रह कर रहा है।

 

खनन क्षमता का वैज्ञानिक आकलन होगा

सर्वे के जरिए सोन नदी के पीले बालू, गंगा के सफेद व बारीक बालू, गंडक के प्लास्टर बालू और किऊल, फल्गू, बागमती, मोरहर, सरयू आदि नदियों में खनन क्षमता का वैज्ञानिक आकलन होगा। सैंड डिपोजिशन इंडेक्स से मानसून के बाद जमा हुए नए बालू की गहराई मापी जाएगी, ताकि नदी की मुख्य धारा को विचलन से बचाया जा सके। इससे पहले, नदी बेसिन में खतरे के निशान से नीचे स्थिर जल स्तर की रिपोर्ट को ध्यान में रखा जाएगा।

 

अवैध खनन रोकने को तय होगी डिजिटल बाउंड्री

अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना चालान बालू की ढुलाई रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र बनाया गया है। सभी 200 अधिकृत घाटों की डिजिटल बाउंड्री तय की जाएगी। खनन स्थल पर मौजूद धर्मकांटे को सीधे विभाग के केंद्रीय सर्वर से लिंक किया गया है। इसके अलावा नदी तट पर 50 से 100 मीटर की दूरी तक बफर जोन तय रहेगा और भूजल स्तर के नीचे किसी भी परिस्थिति में खुदाई की अनुमति नहीं दी जाएगी।

 

बारिश के बाद घाटों से फिर से खनन शुरू होगा। बचे हुए घाटों की नीलामी करने के साथ ही खनन के लिए नए घाटों की तलाश होगी। इसके लिए विभाग की ओर से घाटों का सर्वे किया जा रहा है। जिन घाटों पर खनन होगा, उनकी निगरानी होगी। इस दौरान अवैध खनन रोकने के लिए विभाग मॉनिटरिंग, वाहनों की आवाजाही की चेकिंग सहित अन्य कार्य किया जाएगा। – डॉ. प्रमोद कुमार, मंत्री, खान एवं भूतत्व विभाग

Anaya

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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