Patna

होमगार्ड परीक्षा में दौड़ते-दौड़ते युवक की मौत:बरेली में पत्नी बोली- B.Tech, B.Ed, TET पास थे

पटना. यूपी।पति B.Tech, B.Ed, CTET और UP-TET पास थे। कोचिंग चलाकर अच्छा पैसा कमा लेते थे, लेकिन मन सरकारी नौकरी करने का था। 17 सितंबर को बर्थडे मनाने के बाद मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की दौड़ में शामिल होने गए थे। अगले दिन पता चला कि उनकी मौत हो गई। मुझे जरा भी अंदेशा होता कि उनकी मौत हो जाएगी, तो मैं उन्हें कभी जाने ही न देती।

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इतना कहते हुए बरेली की कोमल यादव रोने लगीं। उनके पति शिवम यादव (27) 18 सितंबर को होमगार्ड भर्ती के फिजिकल टेस्ट में दौड़ते-दौड़ते मैदान में गिर गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

 

शिवम के पिता विनोद ने कहा-

 

 

जहां पर भर्ती चल रही थी, वहां पर इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। बेटे की हालत बिगड़ी तो उन्हें अंदर जाने तक नहीं दिया गया। समय पर बेटे को इलाज नहीं मिल पाया। इसलिए बेटे की मौत हो गई।

 

 

 

दैनिक भास्कर शनिवार को शिवम के मोहल्ले सुभाषनगर पहुंचा। उनके घर पर मातम पसरा है। मां ममता यादव बदहवास आंगन में पड़ी हुई थीं। पिता और पत्नी भी बदहवास थे। हमने परिवार से बात की और उनका दुख जाना.

 

शिवम की शादी 5 साल पहले हुई थी। ढाई साल की बेटी शैली है। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई अंकित और छोटे भाई सचिन वकील हैं, जबकि सबसे छोटा भाई आदित्य अभी चौथी कक्षा में पढ़ता है।पत्नी कोमल ने कहा- मुझे जरा भी अंदेशा होता कि उनकी मौत हो जाएगी, तो मैं उन्हें कभी जाने ही न देती।

पत्नी से कहा था- अगली बार जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाएंगे

 

पत्नी कोमल ने कहा- शिवम हाईस्कूल और इंटर के बच्चों को फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स भी पढ़ाते थे। उन्होंने रेलवे लोको पायलट की प्री और मेंस परीक्षा भी कर ली थी। आगे की तैयारी कर रहे थे। लेखपाल और रेलवे ग्रुप-D की परीक्षाएं भी दी थीं, लेकिन उसका रिजल्ट नहीं आया था।17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर उन्होंने व्रत रखा था। व्रत खोलकर बोले- अगली बार जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाएंगे। रात 10:30 बजे कपड़े पहने और नौकरी पाने के लिए रात 11 बजे बस पकड़ ली थी। फिर उनकी लाश आई।

 

 

पिता विनोद यादव ने बताया- बेटे का मुरादाबाद के कांठ रोड स्थित 9वीं पीएसी ग्राउंड में होमगार्ड्स का फिजिकल टेस्ट था। 4.8 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी थी। 12वें राउंड में बेटे की हालत खराब होने की जानकारी मिली। इसके बाद मैं भर्ती स्थल के गेट पर पहुंचा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने मुझे रोक लिया।उन्होंने कहा- मैंने अंदर जाने की गुहार लगाई, लेकिन मना कर दिया गया। मैं गेट पर रोता और गिड़गिड़ाता रहा कि मुझे अंदर जाने दो, लेकिन पुलिसकर्मी मुझे भगाते रहे। काफी देर बाद भी अंदर नहीं जाने दिया गया। जब तक पहुंचा, बेटा जमीन पर गिर चुका था। भर्ती स्थल पर इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।

 

पिता ने कहा- एक-दो डॉक्टर ही दिखाई दे रहे थे। एंबुलेंस के ड्राइवर खाकी वर्दी में थे। बेटा काफी देर तक वहीं पड़ा रहा। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया। वहां भी काफी देर तक मुझे उससे मिलने नहीं दिया गया। बाद में काली पॉलिथीन में लिपटा हुआ उसका शव दिखाया गया।

Anaya

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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