बाबा साहब आप्टे के विचारों से राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है: प्रो.संजय झा
दलसिंहसराय,इतिहास संकलन समिति,उत्तर बिहार तथा ज्ञान टॉपर ट्यूटोरियल्स के संयुक्त तत्वावधान में दरभंगा इकाई की अध्यक्षता में बाबा साहब आप्टे की जयंती के अवसर पर समर्पण दिवस कार्यक्रम का आयोजन दलसिंहसराय स्थित मौर्य गार्डन में किया गया.कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ.इसके उपरांत मिथिला की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप अतिथियों का पाग एवं चादर से सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थानीय अनुमंडलाधिकारी किशन कुमार ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा और शिक्षक की भूमिका को रेखांकित किया.उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.
इतिहास संकलन समिति, उत्तर बिहार के उपाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ.संजय झा ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब आप्टे का जीवन राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण, संगठन एवं सेवा की प्रेरणा देता है.उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि राष्ट्र निर्माण केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं,बल्कि समाज और देश के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन से होता है.उन्होंने भारत माता की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत माता केवल एक भावात्मक प्रतीक नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, विविधता, इतिहास और राष्ट्रीय एकता की अभिव्यक्ति है.
डॉ.राधाकृष्णन के शिक्षण दर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, विवेक और चरित्र का निर्माण करना है.मौके पर डॉ.एस.पी.सिंह, प्रशांत कुमार, राजा कुमार, सतीश कुमार, सुधीर कुमार सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
