समस्तीपुर में बाढ़ का पानी उतरा; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 71 गांवों में बीमारी को लेकर जागरूकता
समस्तीपुर.बाढ़ का पानी कम होने के बाद अब बाढ़ प्रभावित इलाकों में सर्पदंश, डूबने, डेंगू-मलेरिया समेत जलजनित और संक्रामक बीमारियों से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। मोहनपुर, मोहिउद्दीननगर और विद्यापतिनगर प्रखंड की 26 ग्राम पंचायतों के 71 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन इलाकों में ग्रामीणों को बीमारी से बचाव और आपात स्थिति में तत्काल उपचार कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 22 से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में करीब 5 हजार लोगों का इलाज किया जा चुका है, जबकि अब तक कुल करीब 20 हजार लोग स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप सक्रिय रखने के साथ चिकित्सकों की मौजूदगी, मरीजों के पंजीकरण और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। एंटी-वेनम, ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट समेत जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया है।
बाढ़ के बाद डेंगू और मलेरिया के संक्रमण की आशंका को देखते हुए घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पानी रखने वाले बर्तनों को ढककर रखने और नियमित रूप से मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, उल्टी या कमजोरी जैसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने और चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा जा रहा है।
पानी उतरने वाले क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर और कीटाणुनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है। ग्रामीणों को घर और आसपास साफ-सफाई रखने, उबला या सुरक्षित पानी पीने तथा दस्त होने पर ओआरएस का इस्तेमाल करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डायरिया, हैजा, टाइफाइड, चर्म रोग, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के लक्षणों की जानकारी भी दी जा रही है। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
