Patna

अवैध खनन पर कसेगा शिकंजा:खान एवं भूतत्व विभाग की अलग फोर्स बनेगी,सिपाही की भर्ती होगी

पटना.बिहार में अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग अब अपनी सुरक्षा फोर्स बनाएगा। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की तर्ज पर राज्य में 1 हजार खनन सिपाहियों की भर्ती होगी। इसके लिए भर्ती एजेंसी को जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा।

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

 

 

इन सिपाहियों को समुचित प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे खनन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अवैध खनिजों से लदे वाहनों को जब्त करना आसान होगा। इससे छापेमारी के लिए स्थानीय पुलिस पर निर्भरता खत्म होगी और विधि-व्यवस्था संभालने वाली पुलिस का काम हल्का होगा।

 

खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद कुमार ने प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी। उन्होने बताया कि अवैध बालू-गिट्टी के परिवहन को रोकने के लिए बाहर से आने वाले खनिजों से लदे वाहनों पर एक से डेढ़ महीने के भीतर जीपीएस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। मके पर विभाग के सचिव सह खान आयुक्त अवनीश कुमार सिंह और खान निदेशक मनेश कुमार मीणा भी मौजूद थे।

 

नवादा में 8 पत्थर खदानों का टेंडर जारी

 

 

मंत्री ने बताया कि नवादा जिले में 8 खनन पट्टों (लीज) की निविदा जारी कर दी गई है। औरंगाबाद, गया, शेखपुरा और बांका में पत्थर खनन पट्टों के लिए 15 अगस्त तक टेंडर जारी होंगे। यह लीज 5 वर्षों के लिए दी जाएगी। वहीं गया और रोहतास में केंद्र सरकार द्वारा मैग्नेटाइट, वैनेडियम और ग्लॉकोनाइट खनिज ब्लॉकों की नीलामी के सिलसिले में 17 अगस्त को पटना में केंद्र व राज्य के अधिकारियों का संयुक्त रोड शो होगा

 

अंतरराज्यीय गाड़ियों पर जीपीएस लगाना अनिवार्य

 

इस साल 10 जून से शुरू हुए इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास पोर्टल से बिहार को हर हफ्ते औसतन 6 करोड़ रुपए का राजस्व मिल रहा है। दो माह में ही 45 करोड़ रुपए प्राप्त हो चुके हैं। अब तक 22,203 वाहनों का पंजीकरण हुआ है। झारखंड, बंगाल, यूपी, एमपी समेत 8 राज्यों से रोजाना करीब 4 हजार वाहन बिहार में प्रवेश करते हैं। अब इन गाड़ियों पर जीपीएस अनिवार्य किया जा रहा है, जिसे लगाने के लिए वाहन मालिकों को 1 से 1.5 महीने की मोहलत मिलेगी।

 

नदियों में जमा गाद प्रबंधन के लिए बनेंगे डीएसआर

 

मंत्री ने बताया कि नदियों में अत्यधिक गाद जमाव की समस्या से निपटने और इसके सदुपयोग के लिए जिला स्तर पर सर्वेक्षण प्रतिवेदन (डीएसआर) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएसआर को मंजूरी मिलने के बाद संबंधित जिलाधिकारी के माध्यम से गाद की नीलामी की जाएगी, जिससे सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा और विभिन्न सरकारी परियोजनाओं के निर्माण में तेजी आएगी।

 

चार महीने में 39 प्रतिशत बढ़ा राजस्व

 

मंत्री ने कहा कि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में 790.23 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की इसी अवधि में यह राशि 590.12 करोड़ रुपए थी, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 38.85 प्रतिशत अधिक है।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!