समस्तीपुर:युवक 22 दिन बाद सकुशल घर लौटा: नशाखुरानी गिरोह का किया खुलासा
समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के बलुआही गांव निवासी विपिन महतो 22 दिनों तक लापता रहने के बाद सकुशल अपने घर लौट आए हैं। उन्हें नशाखुरानी गिरोह का शिकार बनाया गया था। विपिन रामप्रसाद महतो के पुत्र हैं। उनके गायब होने पर परिजनों ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
विपिन महतो गुजरात के सूरत में मजदूरी करते थे। 29 जून, 2026 को वे सूरत स्टेशन से अहमदाबाद होते हुए बरौनी जाने वाली ट्रेन पकड़ने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने स्टेशन के बाहर से गुटखा और सिगरेट खरीदी और सूरत स्टेशन पर बेडशीट बिछाकर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।
इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आया और खुद को बिहार जाने वाला यात्री बताते हुए बेडशीट पर बैठने की अनुमति मांगी। कुछ देर बातचीत के बाद विपिन को तेज नींद आने लगी। विपिन का आरोप है कि उस व्यक्ति ने रूमाल से उनका चेहरा पोंछा, जिसके बाद वे बेहोश हो गए।होश आने पर विपिन ने खुद को अहमदाबाद में पाया। उनका मोबाइल फोन, पर्स और नकदी गायब थी। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनके परिवार के लोग लगातार मोबाइल पर कॉल कर रहे थे, घंटी सुनाई देती थी, लेकिन वे न तो ठीक से बोल पा रहे थे और न ही किसी से संपर्क कर पा रहे थे।
गिरोह के करीब 12 सदस्य उन्हें उत्तर प्रदेश के आगरा के निकट बजरंग वाली मंदिर में बच्चा चोरी के लिए साथ ले गए थे।इस दौरान गिरोह के लोगों ने किसी परिचित व्यक्ति के माध्यम से उनके परिजनों से दो हजार रुपये भी मंगवाए। बाद में सभी सदस्यों ने उसी पैसा से खरीदकर नशे का इंजेक्शन लिया और विपिन को भी इंजेक्शन दिया गया।
विपिन ने बताया कि इंजेक्शन के बाद गिरोह के अधिकांश सदस्य बेहोश हो गए, लेकिन उन पर दवा का असर कम हुआ। दवा का असर कम होने का फायदा उठाकर विपिन वहां से भाग निकले।वे किसी तरह आगरा रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां से ग्वालियर होते हुए बरौनी पहुंचे और फिर बुधवार को अपने गांव लौट आए। मोहिउद्दीननगर थाने की पुलिस ने विपिन के आने के बाद उनसे पूछताछ की और उन्हें परिजनों को सौंप दिया।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
