पिपराकोठी वाटर पार्क भूमि विवाद गरमाया, RJD सांसद ने खुद चलाया ट्रैक्टर
मोतिहारी। पिपराकोठी में वाटर पार्क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का विवाद अब बड़े किसान आंदोलन का रूप ले चुका है। RJD सांसद और पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने किसानों के साथ विवादित जमीन पर खुद ट्रैक्टर चलाकर जुताई की और नीतीश सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का ऐलान किया।
महापंचायत में जुटी भीड़
पिपराकोठी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र और दीनदयाल उपाध्याय वानिकी महाविद्यालय के पास किसानों ने महापंचायत बुलाई। पिपराकोठी और आसपास के गांवों से सैकड़ों महिला पुरुष किसान पुश्तैनी जमीन बचाने पहुंचे। सभा के बाद सांसद सुधाकर सिंह ने विवादित खेत में ट्रैक्टर चलाया और कहा, “यह उपजाऊ जमीन किसानों की है। इस पर फिर से खेती होगी।”
विवाद की जड़: 70 साल का हक
किसानों का दावा: 70 से 80 साल से खेती कर रहे हैं। वैध कागजात और LPC मौजूद है। बिना सुनवाई के प्रशासन ने जमाबंदी रद्द कर दी।
दस्तावेज नहीं मिल रहे: ग्रामीणों का आरोप है कि CO और अधिकारी रद्द जमाबंदी का आदेश मांगने पर कॉपी नहीं दे रहे।
प्रशासन का पक्ष: जमीन को गैरमजरूआ यानी सरकारी बता रहा है। राज्य सरकार के आदेश पर पर्यटन बढ़ाने के लिए वाटर पार्क प्रस्तावित है।
पहले भी हो चुकी है झड़प
22 जून के आसपास प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ पैमाइश करने पहुंची थी। किसानों ने जमीन पर लेटकर विरोध किया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई। महिलाओं समेत कई किसानों को घसीटने और मारपीट के आरोप लगे। किसान नारा लगा रहे हैं, “जान चली जाएगी, लेकिन जमीन नहीं छोड़ेंगे।”
सुधाकर सिंह की चेतावनी
किसान सभा से RJD सांसद ने NDA सरकार पर हमला बोला। कहा, “अगर सरकार को लगता है कि जमीन उसकी है तो लाठी के दम पर कब्जा करने के बजाय कोर्ट जाए। किसानों की सहमति बिना आजीविका छीनकर वाटर पार्क बनाना भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का उल्लंघन है। यह आंदोलन मोतिहारी तक सीमित नहीं रहेगा। पटना से दिल्ली तक जाएगा।”
आगे क्या
सांसद के खेत जोतने के बाद प्रशासन बैकफुट पर है। तनाव देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। विपक्ष इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की तैयारी में है। इससे नीतीश सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
