Samastipur

पटना-पूर्णिया सिक्सलेन के बदले रूट का विरोध:300 से अधिक घर प्रभावित होने की आशंका

समस्तीपुर।सरायरंजन में पटना-पूर्णिया सिक्सलेन सड़क परियोजना के प्रस्तावित बदले हुए एलाइन्मेंट को लेकर विरोध तेज हो गया है। बिहार राज्य किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों और ग्रामीणों से मुलाकात की। ग्रामीणों का दावा है कि नए रूट के लागू होने पर 300 से अधिक घर प्रभावित हो सकते हैं।

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

 

कई गांवों में जाकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

 

प्रतिनिधिमंडल ने भटगांमा, चिंतामनपुर, मौसिंगपुर और झखड़ा सहित कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों से परियोजना के संभावित प्रभाव, उनकी आशंकाओं और समस्याओं की जानकारी ली गई।

 

किसान सभा के नेताओं ने जताई चिंता

 

दौरे में किसान सभा के जिला अध्यक्ष मनोज प्रसाद सुनील, जिला सचिव सत्यनारायण सिंह, संयुक्त सचिव उपेंद्र राय, सुरेश महतो, रामकृपाल गिरी, सुखचैन साह और प्रमोद कुमार शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित किसान परिवारों से बातचीत कर उनकी चिंताओं को सुना।

 

घनी आबादी से सड़क निकालने का ग्रामीणों का आरोप

 

ग्रामीणों का कहना है कि पहले घोषित एलाइन्मेंट में बदलाव कर अब सड़क को घनी आबादी वाले क्षेत्रों से निकालने की तैयारी की जा रही है। उनका दावा है कि यदि नया रूट लागू हुआ तो 300 से अधिक मकान ध्वस्त हो जाएंगे, जिससे सैकड़ों परिवार बेघर हो सकते हैं। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि क्षेत्र का प्रमुख शिक्षण संस्थान केदार संत महाविद्यालय भी इसकी जद में आ सकता है।

 

विकास का समर्थन, लेकिन विस्थापन का विरोध

 

किसान सभा के नेताओं ने कहा कि संगठन सड़क निर्माण और विकास कार्यों का विरोध नहीं करता, लेकिन विकास के नाम पर किसानों की जमीन, गांवों के अस्तित्व और लोगों की आजीविका को खतरे में डालना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की सहमति और हितों की अनदेखी कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

 

11 जुलाई को जिला समाहरणालय घेराव का आह्वान

 

किसान सभा ने प्रभावित ग्रामीणों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने की अपील की। संगठन ने 11 जुलाई 2026 को समस्तीपुर जिला समाहरणालय पर प्रस्तावित जिलाधिकारी घेराव एवं विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। साथ ही आश्वासन दिया कि किसानों और ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!