नई तबादला नीति जारी:एक स्कूल में 5 साल टिके तो ‘सरप्लस’ माने जाएंगे; 30 स्कूलों..
पटना.बिहार के सरकारी स्कूलों में वर्षों से एक ही जगह जमे शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने नई तबादला नीति जारी कर दी है। अब किसी भी स्कूल में 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके शिक्षकों को ’सरप्लस’ माना जाएगा।विभाग ने साफ कर दिया है कि एक ही स्कूल में लंबे समय से जमे शिक्षकों को अब वहां से हटना ही होगा।
इसके लिए विभाग ने 31 मार्च 2026 की तारीख को डेडलाइन (कट-ऑफ) माना है। यही नहीं अब शिक्षकों को 30 स्कूलों का विकल्प भी देना होगा। विभाग की अधिसूचना के अनुसार, सरप्लस शिक्षकों की पहचान के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए हैं।
यदि किसी स्कूल में एक से अधिक शिक्षक 5 साल से कार्यरत हैं, तो उस शिक्षक को सबसे पहले सरप्लस माना जाएगा जिसने वहां सबसे पहले ज्वाइन किया था। वहीं, जिन स्कूलों में कोई भी शिक्षक 5 साल वाला नहीं होगा, वहां सबसे कम समय से पदस्थापित शिक्षक को सरप्लस की श्रेणी में रखा जाएगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि 31 मार्च 2026 तक 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके शिक्षकों का अनिवार्य समायोजन नहीं होगा।
तबादला नीति के 10 पॉइंट: अब ऐसे चलेगा स्कूलों में सिस्टम
1. सरप्लस का पैमाना: एक ही स्कूल में 5 साल पूरे करने वाले शिक्षक अब सरप्लस की श्रेणी में गिने जाएंगे।
2. उम्र की बड़ी राहत: 31 मार्च 2026 तक 58 साल के हो रहे शिक्षकों का अनिवार्य तबादला नहीं होगा।
3. नामांकन का गणित: स्कूलों में शिक्षकों की संख्या 2025-26 के छात्र नामांकन के आधार पर तय होगी।
4. शिक्षकों की लिमिट: मिडिल स्कूल (6 से 8) में किसी भी हाल में 12 से अधिक शिक्षक नहीं रहेंगे।
5. नया स्टाफ सेटअप: हर स्कूल में एक प्रधान शिक्षक और प्रत्येक वर्ग के लिए एक शिक्षक की नियुक्ति होगी।
6. वरीयता का नियम: वरिष्ठता का आधार नियुक्ति वर्ष, विषय और शिक्षक का वर्ग (कैटेगरी) ही रहेगा।
7. महिला प्राथमिकता: बराबर अंक होने पर महिला शिक्षकों को गृह प्रखंड में प्राथमिकता दी जाएगी।
8. पुरुष प्राथमिकता: टाई की स्थिति में पुरुष शिक्षकों को उनके गृह जिले में पोस्टिंग की वरीयता मिलेगी।
9. म्यूचुअल का मौका: समायोजन के बाद जो शिक्षक म्यूचुअल के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें मौका मिलेगा।
10. ऑनलाइन पारदर्शिता: आवेदन व स्कूल चयन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल पर ही।
ई-शिक्षाकोष पोर्टल से होगी पूरी मॉनिटरिंग
सरप्लस घोषित किए गए शिक्षकों को नई पोस्टिंग के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल का सहारा लेना होगा। उन्हें वहां पसंद के 30 स्कूलों का विकल्प भरना होगा। यदि 30 विकल्प देने के बाद भी कोई पद खाली नहीं मिलता है, तो सक्षम प्राधिकार के निर्णय तक वह शिक्षक पुराने स्कूल में ही रहेगा।
पहले समायोजन, फिर ‘म्यूचुअल’ का रास्ता
नई व्यवस्था में सबसे पहले स्कूलों में शिक्षकों का समायोजन होगा। समायोजन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही म्यूचुअल ट्रांसफर की अनुमति दी जाएगी। जिन शिक्षकों ने वर्ष 2024 में ट्रांसफर लिया है, वे भी 2026 की इस नई प्रक्रिया में आवेदन करने के पात्र होंगे।
किसे प्राथमिकता? … नई नीति में मानवीय आधार पर भी कुछ विशेष प्रावधान किए गए हैं। गंभीर बीमारी, असाध्य रोग या दिव्यांगता का दावा करने वाले शिक्षकों को तबादले में राहत मिल सकती है, लेकिन इसके लिए उनके प्रमाण पत्रों की गहन जांच की जाएगी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
