वैशाली में महिला दारोगा को 3 साल की जेल:रिश्वतखोरी मामले में अदालत का फैसला
वैशाली के हाजीपुर टाउन थाना की पूर्व सब-इंस्पेक्टर पूनम कुमारी को रिश्वतखोरी के मामले में निगरानी की विशेष अदालत ने तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर दस हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।विशेष अदालत ने मंगलवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत यह फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि पूनम कुमारी जुर्माना राशि का भुगतान नहीं करती हैं, तो उन्हें अतिरिक्त समय जेल में बिताना होगा।
14 नवंबर 2024 को निगरानी टीम पकड़ा
पूनम कुमारी को 14 नवंबर 2024 को निगरानी विभाग की टीम ने हाजीपुर स्थित उनके आवास से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय वह हाजीपुर टाउन थाने में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थीं।
रिश्वत के रंगे हुए नोट भी हुए थे बरामद
उन पर एक बस सर्विस के मैनेजर से बस को छोड़ने के लिए डीटीओ को अनुशंसा भेजने के बदले में रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायत मिलने के बाद स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) और निगरानी विभाग की टीम ने एक जाल बिछाया था, जिसके तहत उन्हें रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। विजिलेंस टीम ने उनके पास से रिश्वत के रंगे हुए नोट भी बरामद किए थे।
एसवीयू ने अदालत में दाखिल की चार्जशीट
गिरफ्तारी के बाद, स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) ने मामले की गहनता से जांच की और साक्ष्यों के साथ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। निगरानी की विशेष अदालत में चले ट्रायल के दौरान, गवाहों के बयानों और प्रस्तुत सबूतों के आधार पर पूर्व दारोगा पूनम कुमारी को दोषी पाया गया।अदालत ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि जनता की सुरक्षा और न्याय की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों का ऐसा आचरण स्वीकार्य नहीं है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
