Samastipur

समस्तीपुर:रेप-हत्या कांड में शिकायकर्ता को पुलिस ने मृत बताया:गलत रिपोर्ट देने पर थानाध्यक्ष निलंबित

समस्तीपुर में रेप-हत्या मामले की शिकायतकर्ता पीड़ित की मां को मृत बताते हुए पुलिस ने केस को क्लोज किया। ताजपुर थानाध्यक्ष की रिपोर्ट एसपी अरविंद प्रताप सिंह के कार्यालय ने समस्तीपुर कोर्ट को सौंपी थी। जब इस बात की जानकारी पीड़िता की मां को लगी तो वो अपने जीवित होने का सबूत लेकर सोमवार को हाईकोर्ट पहुंची।हाईकोर्ट ने एसपी से जवाब तलब किया। जिसके बाद एसपी ने गलत रिपोर्ट देने पर ताजपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा को निलंबित कर दिया है।

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2011 में हुआ था रेप

 

दरअसल, 2011 में ताजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रेप के बाद युवती की हत्या की गई थी। मामले में केस भी हुआ, लेकिन एफआईआर में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण की धारा को नहीं जोड़ा गया और न ही आरोपियों तक पुलिस पहुंच सकी।एक साल बाद पीड़ित परिवार ने मुआवजा लेने की सोची, पर केस में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवावरण की धारा नहीं होने के कारण मुआवजा नहीं मिला।

 

दोबारा रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए गए थे, पर कार्रवाई नहीं हुई

 

पीड़िता की मां राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पास पहुंची। जिसके बाद केस में धारा जोड़ने का आदेश दिया गया। इस मामले में करीब 13 साल पहले तत्कालीन एसपी वरुण कुमार ने लापरवाही मानते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह को निलंबित कर दिया था।साथ ही एसपी ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण की धारा जोड़ते हुए फिर से रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे, लेकिन वर्षों बाद भी यह कार्रवाई नहीं हुई। जिससे पीड़िता को न्याय नहीं मिला। मां कोर्ट का चक्कर लगाती रही। थक हार कर घर बैठ गई।

 

 

11 फरवरी को एसपी को रिपोर्ट सौंपी गई थी

 

पुलिस सूत्रों के अनुसार पीड़िता की मां के उपस्थित नहीं होने पर कोर्ट को एसपी ने इस साल 13 मार्च को रिपोर्ट सौंपी। ये रिपोर्ट 11 फरवरी को एसएचओ ताजपुर ने एसपी को दी थी। जिसमें केस को क्लोज दिखाया गया था।रिपोर्ट में संकेत दिए गए थे कि अपीलकर्ता-याचिकाकर्ता की मृत्यु हो चुकी है। जब इस बात की जानकारी पीड़िता की मां को हुई तो वो अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंची और कहा कि रिपोर्ट गलत है।

 

कोर्ट को अपने जीवित होने का प्रमाण दिखाया

 

पीड़िता की मां ने कोर्ट को पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बिहार सरकार की योजना के तहत गठित ‘स्वयं सहायता समूह’ (Self Help Group) के बचत खाते की पासबुक दिखाए।जिसके बाद कोर्ट ने एसपी और ताजपुर थानाध्यक्ष से सवाल किया। मामले की जानकारी के बाद एसपी ने बिना देर किए ताजपुर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने एसपी और थानेदार को 12 मई को तलब किया है।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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