Patna

अब बेड से उठे बिना होगा सीटी स्कैन,मोबाइल मशीन आएगी लेने

पटना.आईजीआईएमएस में अब भर्ती मरीजों का सीटी स्कैन बेड पर ही होगा। इसके लिए मोबाइल सीटी स्कैन मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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अभी गंभीर मरीजों को बेड समेत सीटी स्कैन कक्ष तक ले जाना पड़ता है, जिसमें समय लगता है और मरीज की हालत बिगड़ने का खतरा बना रहता है। खासकर ट्रॉमा और इमरजेंसी के मरीजों के लिए यह प्रक्रिया काफी जोखिम भरी होती है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को वार्ड या ट्रॉमा सेंटर में ही जांच की सुविधा मिल जाएगी। मोबाइल सीटी स्कैन मशीन अत्याधुनिक और एआई आधारित होगी, जिसकी अनुमानित लागत 9-10 करोड़ है। इस मशीन से सिर, रीढ़ की हड्डी, पेट और अन्य आंतरिक अंगों में चोट या बीमारी का तुरंत पता लगाया जा सकेगा।

रोबोटिक सर्जरी से एक साल के बच्चे को नई जिंदगी मिली

आईजीआईएमएस में पहली बार रोबोटिक तकनीक की मदद से एक साल के बच्चे की जटिल सर्जरी की गई। दोनों तरफ के हाइड्रोसिल (कौड़ी) का ऑपरेशन किया गया, जो जन्म के समय ही पेट के अंदर चला गया था और लगातार परेशानी का कारण बन रहा था। यह सर्जरी पेडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉ. विनीत कुमार ठाकुर के नेतृत्व में की गई। टीम में डॉ. विवेक रंजन, डॉ. ओम पुरबेय और डॉ. गौतम शामिल रहे। रोबोटिक तकनीक के इस्तेमाल से ऑपरेशन अधिक सटीक रहा, रक्तस्राव कम हुआ और बच्चे की रिकवरी भी तेजी से संभव हुई। संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार ने कहा कि इस तरह की अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी से अब बिहार में ही बच्चों के जटिल ऑपरेशन संभव होंगे।

टेंडर प्रक्रिया जल्द : मोबाइल सीटी स्कैन मशीन को ट्रॉमा सेंटर और कैजुअल्टी में तैनात किया जाएगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे सीधे मरीज के वार्ड तक ले जाया जा सकेगा। प्रस्ताव को उच्च स्तर पर सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर मशीन की खरीदारी कर ली जाएगी। नई सुविधा लागू होने के बाद आईजीआईएमएस बिहार का पहला सरकारी अस्पताल बन जाएगा, जहां बेड पर ही सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध होगी।

मरीजों का दबाव ज्यादा, अभी एक ही मशीन

संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार के अनुसार, अभी रोजाना करीब 150 मरीजों का सीटी स्कैन किया जा रहा है, जबकि मशीन एक ीर है। ऐसे में मरीजों को इंतजार और असुविधा दोनों झेलनी पड़ती है। इसी को देखते हुए मोबाइल सीटी स्कैन मशीन लाने की योजना बनाई गई है, ताकि जांच प्रक्रिया तेज और सुरक्षित हो सके।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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