जब तक स्कूल नहीं मिलेगा, वोट नहीं देंगे’लोगों ने मतदान के बहिष्कार की बात कही
बेगूसराय.बिहार में विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले रचियाही मोहल्ले में स्कूल की मांग को लेकर गांव के लोगों ने वोट बहिष्कार की बात कही है। पूरे गांव में ‘मतदान बहिष्कार’ का बैनर लगाया गया है। बैनर में ये भी लिखा है कि विद्यालय नहीं तो वोट नहीं। झूठा वायदा नहीं चलेगा, हमारा विद्यालय बनवाना पड़ेगा। नीचे एक स्कूल और वोटिंग का सिंबल लगाया गया है और ‘हम हैं रचियाही पोथी टोल की जनता’ लिखा गया है। गांव के लोगों का कहना है कि मांग पूरी नहीं होने पर हमलोग वोट नहीं देंगे।
बेगूसराय सदर प्रखंड के रचियाही पंचायत के वार्ड नंबर-7 में स्थित प्राथमिक विद्यालय अनूसूचित टोला को जून 2024 में जर्जर भवन होने के कारण मध्य विद्यालय रचियाही में शिफ्ट कर दिया गया है। मोहल्ला से वह स्कूल 2 किलोमीटर दूर शिफ्ट किया गया । जिस समय इस स्कूल को शिफ्ट किया गया, 160 बच्चे नामांकित थे।
मोहल्ले में स्कूल जाने वाले करीब 300 बच्चे
मोहल्ले में 300 से अधिक बच्चे स्कूल जाने लायक हैं। लेकिन स्कूल दूर रहने के कारण वह बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। वार्ड नंबर-7 में करीब एक हजार वोटर हैं जो इस बार स्कूल नहीं तो वोट नहीं का निर्णय लेकर वोट का बहिष्कार कर चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चे इस मोहल्ले से दूसरे गांव पढ़ने जाने में असमर्थ हैं।
रास्ते में साल में तीन-चार महीना सड़क पर पानी जमा रहता है, गाड़ी तेज रफ्तार चलता है, इससे बच्चों को हमेशा डर लगता है। इसलिए हमारे मुहल्ले में ही स्कूल का निर्माण कराया जाए। हम लोगों ने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर जिला प्रशासन को आवेदन दिया है कि स्कूल भवन बनवाया जाए। लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण विधानसभा चुनाव में वोट बहिष्कार का निर्णय लिया है।
जब तक स्कूल का निर्माण नहीं होगा, तब तक वोट बहिष्कार करेंगे। इसको लेकर गांव के प्रवेश द्वार से लेकर चौक-चौराहों पर तथा पुराने स्कूल भवन पर वोट बहिष्कार का बैनर लगा दिया गया है।सरोजिनी देवी एवं सोनी देवी सहित अन्य लोगों का कहना है कि उनके छोटे-छोटे बच्चे पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं। स्कूल को क्यों दूर शिफ्ट कर दिया गया, मोहल्ले में स्कूल नहीं बनाया जा रहा है। इसलिए अब जब तक सरकार मोहल्ले में स्कूल का निर्माण नहीं कराएगी, तब तक गांव के लोग चुनाव में वोट नहीं देंगे।
ग्रामीण राकेश ने बताया कि इस बार हम लोगों ने वोट बहिष्कार का फैसला इसलिए किया है क्योंकि हमारे छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। मोहल्ले में एक स्कूल था, लेकिन उसे डेढ़ साल पहले दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया। मोहल्ले से स्कूल की दूरी 2 किलोमीटर है, जहां 3 से लेकर 5 और 8 साल के बच्चे पैदल नहीं जा पाते।उन्होंने बताया कि स्कूल से एक किलोमीटर दूर एक स्कूल है, लेकिन वहां बाढ़ का पानी आ जाता है, जो काफी दिनों तक जमा रहता है। हम लोगों के पास पैसे नहीं है, ऐसे में बच्चों को प्राइवेट गाड़ी से कैसे भेज पाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर इस बार कोई नेता आएगा, तो उससे पहले स्कूल की डिमांड की जाएगी, डिमांड पूरा होने के बाद ही हम लोग वोट डालेंगे.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
