बिहार में भी 7 सितंबर को दिखेगा चंद्रग्रहण:रात 9.57 बजे लगेगा ग्रहण;सावधानी बरतें
पटना.बिहार में भी 7 सितंबर को खग्रास चंद्रग्रहण दिखेगा। भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा यह चंद्रग्रहण लग रहा है और आश्विन कृष्ण अमावस्या में 21 सितंबर रविवार को खंड सूर्यग्रहण लग रहा है। हालांकि सूर्यग्रहण बिहार में नहीं दिखेगा।बिहार में इस बार ग्रहण का प्रकोप देखने को मिलेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा दुर्लभ संयोग करीब 100 वर्ष बाद आया है। दोनों ही ग्रहण रविवार के दिन लग रहा है।
चंद्रग्रहण का समय काल
ज्योतिषी राकेश झा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि 7 सितंबर को खग्रास चंद्रग्रहण रात्रि 09:57 बजे से शुरू होकर देर रात 01:27 बजे खत्म होगा। चंद्रग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले से आरंभ हो जाएगा।वहीं, आश्विन कृष्ण अमावस्या में 21 सितंबर रविवार को खंड सूर्यग्रहण रात्रि 11 बजे से शुरू होगा तथा देर रात 03:24 बजे खत्म होगा। यह सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
चंद्रग्रहण के दौरान क्या करें
ज्योतिषी झा के अनुसार सूतक काल में भोजन पकाना या खाना, नए कार्य का आरंभ, मूर्ति पूजा और मूर्तियों का स्पर्श, तुलसी के पौधे का स्पर्श नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को चाकू एवं छुरी का प्रयोग कदापि नहीं करें, क्योंकि इसका सीधा असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर होता है। चंद्रग्रहण को नग्न आंखों से न देखें। ग्रहण काल के पूर्व भोज्य तथा पेय पदार्थों में कुश या तुलसीदल रख दें। इससे इस पर ग्रहण की नकारात्मक किरणों का असर नहीं होता है।
चंद्रग्रहण के दौरान क्या न करें
ज्योतिष विद्वान पंडित राकेश झा ने कहा कि मंत्रों का जाप करने के लिए ग्रहण काल सबसे उत्तम मुहूर्त होता है। इस दौरान गायत्री मंत्र का जाप, हनुमान चालीसा और हनुमान जी के मंत्रोच्चारण श्रेष्यकर होता है। ऐसा करने से सभी राशि के जातक के दोष दूर होते हैं।गुरु, ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद को दान किया जाता है। ग्रहण के बाद गंगाजल से स्नान एवं घरों में इसका छिड़काव करें। गंगाजल में ईत्र मिलाकर पूरे घर में छिड़काव करें, जिससे धनलक्ष्मी और सौभाग्य की प्राप्ति होगी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
