राम मंदिर से 5 फीट छोटा होगा पुनौराधाम जानकी मंदिर:11 पवित्र नदियों के..
पटना.अयोध्या में श्रीराम मंदिर की तर्ज पर बिहार के पुनौराधाम में मां जानकी के भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इसका शिलान्यास 8 अगस्त को होगा। गृह मंत्री अमित शाह भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रस्तावित मंदिर की संरचना राम जन्मभूमि के अनुरूप विकसित की जानी है।
इस पूरे मंदिर का निर्माण खास किस्म के सैंड स्टोन (बलुआ पत्थर) से होगा। मां जानकी मंदिर की ऊंचाई अयोध्या के राम मंदिर से 5 फीट कम होगी।सीतामढ़ी में स्थित यह तीर्थ स्थल भारत के रामायण सर्किट का एक अभिन्न अंग है।
11 पवित्र नदियों के जल से रखी जाएगी आधारशिला
जानकी मंदिर और परिसर के विकास के लिए कुल 882.87 करोड़ रुपए की योजना की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा दी गई है।
इस मंदिर परिसर के विकास के लिए 50 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसकी कुल लागत 165 करोड़ 57 लाख है। इस विशाल परिसर में 151 फीट ऊंचाई का भव्य मंदिर तैयार होगा।मंदिर की आधारशिला 11 पवित्र नदियों के जल से रखी जाएगी। ये नदियां- गंगा, यमुना, सरस्वती, भागीरथी, अलकनंदा, मंदाकिनी, पिंडर, धौलीगंगा, लक्ष्मणा गंगा, कमला और सरयू है।
सोलंकी वास्तुशैली से बनेगा मुख्य गर्भ गृह का शिखर
इस पूरे मंदिर का निर्माण सैंड स्टोन से होगा। सभी पत्थर राजस्थान के वंशी पहाड़पुर से ही मंगाए जा रहे हैं। इससे पूरे मंदिर का स्वरूप एक समान दिखेगा।
वहीं, सोलंकी वास्तुशैली से मुख्य गर्भ गृह का शिखर बनाया जाएगा। इसके अलावा मंडप, उपगर्भ गृह और सिंह द्वार बेसर शैली के शिखरों से सुसज्जित होगी।मंदिर के चारों तरफ परिक्रमा पथ का निर्माण कराया जाएगा। मंदिर परिसर में मिथिला की लोक संस्कृति की झलक
50,000 की क्षमता वाले मेला ग्राउंड का होगा निर्माण
इस मंदिर परिसर में मुख्य पुजारी आवास के साथ संत निवास भी होगा। तीर्थ यात्रियों के लिए गेस्ट हाउस और डॉरमेट्री का भी निर्माण होगा।वॉच टावर और फायर स्टेशन भी बनाया जाएगा। वहीं, परिसर के अंतर्गत 50,000 की क्षमता वाले मेला ग्राउंड भी होगा, जिसमें कला एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनों के लिए सभी सुविधाओं से सुसज्जित मंच बनाया जाएगा।
राम मंदिर के वास्तुकार की देखरेख में जानकी मंदिर का होगा निर्माण
अयोध्या में राम मंदिर के वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा और उनके परिवार की देखरेख में ही पुनौराधाम में जानकी मंदिर का निर्माण होगा।इसे 2028 तक निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस मंदिर के शिलान्यास से पहले 7 अगस्त की शाम दीपोत्सव मानेगा, घर-घर दीप जलाए जाएंगे।
पुनौरा धाम वही पवित्र स्थल है, जहां मिथिला नरेश राजा जनक ने हर जोत समय धरती से माता-पिता को पाया था। इसी कारण यह भूमि सीता जन्म भूमि के रूप में विख्यात है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
