बिहार के मढ़ौरा में बने रेल इंजन अफ्रीकी देश गिनी में दौड़ेंगे,226 एकड़ में फैली फैक्ट्री
पटना.छपरा जिले के मढ़ौरा स्थित लोकोमोटिव फैक्ट्री में बने रेल इंजन अब अफ्रीकी देश गिनी में दौड़ेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को रेल इंजन की खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह फैक्ट्री वेबटेक इंक और रेलवे का एक संयुक्त उपक्रम है। इसमें वेबटेक का 76 फीसदी और रेलवे का 24 फीसदी शेयर है। 2018 में स्थापित यह संयंत्र अब तक 729 शक्तिशाली डीजल इंजन बना चुका है।
इनमें 4500 एचपी के 545 और 6000 एचपी के 184 इंजन शामिल हैं। इस संयंत्र के वैश्विक लोकोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के बाद इसकी क्षमता कई गुना बढ़ाने वाली है। प्रधानमंत्री मोदी के मेक इन इंडिया विजन को बिहार में साकार करती यह फैक्ट्री अब मेक इन बिहार-मेक फॉर द वर्ल्ड के मंत्र को बढ़ावा दे रही है। पहली बार भारत के किसी राज्य से वैश्विक बाजार के लिए लोकोमोटिव इंजन का निर्माण और निर्यात हो रहा है। 26 मई 2025 को गिनी के तीन मंत्रियों ने संयंत्र का दौरा किया था। इसके बाद 140 लोकोमोटिव इंजनों की डील फाइनल की गई थी। इसका नाम (कोमो) दिया गया था। यह डील करीब 3000 करोड़ रुपए की है।
अब स्थानीय से वैश्विक हुआ लोकोमोटिव संयंत्र
226 एकड़ में फैली यह फैक्ट्री न सिर्फ लोकोमोटिव इंजन बनाती है, बल्कि स्थानीय रोजगार को भी मजबूती दे रही है। करीब 40-50 फीसद पार्ट्स भारत के विभिन्न राज्यों जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, जमशेदपुर से आते हैं, जबकि कुछ विशेष इंजन अमेरिका से मंगाए जाते हैं। अब निर्यात के बढ़ते ऑर्डर और ग्लोबल स्टैंडर्ड गेज इंजन की मांग को देखते हुए फैक्ट्री अपनी क्षमता को बढ़ा रही है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
