Patna

नींबू की खेती से किसान को मिली पहचान:एक पेड़ से मिलते हैं एक हजार नींबू, साल भर मुनाफा

Patna.किसान जैविक विधि से खेती से जुड़े लोगों को भी मात देकर पीछे छोड़ सकता है। इसको सच साबित कर दिखाया है मुजफ्फरपुर के किसान अनिल कुमार ने, जिन्होंने नींबू की सफल व्यवसायिक खेती कर ना किसानों को नई राह दिखा रहे है। बल्कि आमदनी के मामले में दूसरे किसानों की तुलना में काफी मुनाफा भी कमा रहे हैं।

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सरैया प्रखंड के पानापुर गांव प्रगतिशील किसान अनिल कुमार आज दो एकड़ जमीन में नींबू की विभिन्न किस्म की सफल तरीके से खेती कर रहे है, जहां उन्हें सबसे अधिक सफलता और प्रसिद्धि सीडलेस नींबू की खेती से मिली है। इसके वैरायटी को उन्होंने खुद अपने प्रयास से तैयार किया है। इसके पौधों को दूसरे किसानों को बेंचकर भी अनिल मुनाफा कमा रहे हैं।

 

एक पेड़ से मिलते हैं एक हजार नींबू

 

मुजफ्फरपुर के किसान अनिल कुमार ने बताया कि एक एकड़ जमीन करीब चार सौ नींबू के पौधे लगते हैं। वहीं इस खेती में तीसरे वर्ष से पेड़ पर नींबू फलने शुरू हो जाते है। सिडलेस नींबू की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके पौधे में नींबू गुच्छों में फलते हैं। वहीं इस खास किस्म के नींबू के पौधे पर सालों पर नींबू के फल लगते है, जिससे किसानों को पूरे साल नींबू मिलता है। सीडलेस नींबू का पौधा पूर्ण रूप से तैयार होने पर एक वर्ष में एक पेड़ से लगभग एक हजार तक नींबू प्राप्त हो जाते हैं, जिससे किसान को अच्छी आमदनी होती है।वहीं अनिल के अनुसार दूसरे नींबू की तुलना में सीडलेस नींबू की खेती से अच्छी पैदावार हासिल होती है, जिससे मुनाफा भी बढ़ता है। वहीं इसके पौधे में पहले ही वर्ष से फल आना शुरू हो जाता है।

 

बहरहाल मुजफ्फरपुर के प्रगतिशील किसान अनिल कुमार प्रयोग के तौर पर अब अपने कृषि फार्म में कई औषधीय पौधों और विदेशी आम के किस्मों को भी बिहार की मिट्टी पर तैयार करने पर काम कर रहे है। वही अनिल की यह पहल अब दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा का सबब बन रहा है।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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