भागलपुर में गंगा पर फोरलेन निर्माण शुरू, एसपी सिंगला प्राइवेट लिमिटेड ने की मिट्टी की जांच
भागलपुर। वर्क आर्डर जारी होने के साथ ही गंगा पर फोरलेन पुल निर्माण कार्य शुरू कर दी गई है। निर्माण एजेंसी एसपी सिंगला प्राइवेट लिमिटेड इसकी प्रक्रिया बरारी में पूरब दिशा में श्मशान घाट की ओर गंगा की मिट्टी की जांच से शुरू की है। भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, बिहार सर्किल के क्षेत्रीय पदाधिकारी प्रदीप लाल ने बताया कि गंगा की मिट्टी जांच के बाद ठीकेदार डिजाइन तैयार करेगा। खुद के तैयार डिजाइन के आधार पर पुल का निर्माण करेगा। गंगा का पानी घटने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी। विक्रमशिला सेतु के समानांतर पुल को 1460 दिनों में यानी चार साल में निर्माण पूरा करना है। वर्ष 2026 तक निर्माण पूरा करने का निर्धारित लक्ष्य की योजना पर काम किया जाएगा।
-गंगा की मिट्टी की जांच से शुरू की गई विक्रमशिला सेतु के समानांतर पुल निर्माण की प्रक्रिया
-पुल निर्माण में खर्च आएगी 1033 करोड़ रुपये, गंगा का पानी कमने पर कार्यों में आएगी तेजी
-पीलर गाड़ने से पुल बनने तक ठीकेदार और सरकार के बीच सेतु का काम करेगा कंसलटेंट
-कंसलटेंट की निगरानी में बनेगा गंगा पर फोरलेन पुल
-चार साल यानी 1460 दिन में बनकर तैयार होगा फोरलेन पुल, बरारी में श्मशान घाट की ओर से शुरू होना है काम -विक्रमशिला सेतु से 50 मीटर की दूरी पर पूरब दिशा में बनेगा, निर्माणस्थल में कोई बदलाव नहीं होगा। -बदलेगा पुल का डिजाइन, जहाज गुजरने के लिए स्पेनों के बीच 100 मीटर का होगा फासला।
-पुल की चौड़ाई 29 मीटर, लंबाई 4.455 किलोमीटर होगी। यानी, किमी 8.920 से किमी 13.375 के बीच बनने वाले इस पुल का अप्रोच नवगछिया तरफ 35 मीटर और भागलपुर तरफ 53 मीटर होगा। -फोरलेन पुल बरारी में श्मशान घाट की ओर से विक्रमशिला सेतु से 50 मीटर की दूरी पर पूरब दिशा में बनेगा। -निर्माण एजेंसी खुद तैयार करेगा डिजाइन, जहाज गुजरने के लिए स्पेनों के बीच 100 मीटर का होगा फासला।
-पुल की चौड़ाई 29 मीटर, लंबाई 4.455 किलोमीटर होगी। यानी, किमी 8.920 से किमी 13.375 के बीच बनने वाले इस पुल का अप्रोच नवगछिया तरफ 35 मीटर और भागलपुर तरफ 53 मीटर होगा।
इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन (डीपीसी) मोड में बनने वाले इस पुल के निर्माण में 1033 करोड़ रुपये खर्च होगा। पुल का निर्माण कंसलटेंसी की निगरानी में होना है। पीलर गाड़ने से लेकर पुल निर्माण से संबंधित मानकों के हरेक पहलुओं पर कंसलटेंसी नजर रखेगी। पुल बनाने वाली एजेंसी और सरकार के बीच कंसलटेंसी सेतु का काम करेगी। कंसलटेंसी की देखरेख में कार्य कराने का फायदा यह होगा कि सरकार की शर्त और मानकों के अनुरूप पुल का निर्माण होगा। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आइडब्ल्यूएआइ) शर्त के आधार पर पुल के स्पेन का फासला 100 मीटर होगा।