कॉमनवेल्थ कबड्डी में गोल्ड जीतकर बीहट लौटीं रिया:ढोल-नगाड़ों से स्वागत,बरसाए फूल
बेगूसराय के बीहट की बेटी रिया कुमारी ने पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 में भारतीय महिला टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
23 से 31 अक्टूबर तक अहमदाबाद में आयोजित प्रतियोगिता में खिताबी जीत के बाद गुरुवार को रिया अपने गांव पहुंचीं। उनके स्वागत में पूरा इलाका उमड़ पड़ा।सिमरिया गोलंबर से लेकर बीहट तक ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और नारों के बीच उनका स्वागत किया गया।
सिक्स लेन पुल के सिमरिया गोलंबर पर रिया के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। उनके पहुंचते ही ढोल-नगाड़े बजने लगे और रिया कुमारी जिंदाबाद व भारत माता की जय के नारे गूंजने लगे। लोगों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और तिरंगा लहराया।इसके बाद रिया खुली जीप में सवार होकर जुलूस के साथ आगे बढ़ीं। चकिया, मल्हीपुर और बीहट में जगह-जगह ग्रामीणों, युवाओं और खेल प्रेमियों ने उनका स्वागत किया। बीहट चांदनी चौक और रतन चौक के पास बड़ी संख्या में लोग उनकी एक झलक पाने के लिए जुटे रहे।
घर पहुंचते ही माता-पिता से लिपटकर भावुक हुईं रिया
चांदनी चौक पर बाल रंगमंच के कलाकारों, बीहट मध्य विद्यालय के बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने रिया पर फूल बरसाए। रतन चौक स्थित घर पहुंचने पर रिया अपने माता-पिता, चाचा, भाई, भाभी और पड़ोसियों से गले मिलीं। इस दौरान परिवार और मोहल्ले के लोगों की आंखें खुशी से छलक उठीं।
रिया ने परिवार के बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। स्थानीय महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से आरती उतारी और मिठाई खिलाई। उन्हें उपहार में लड्डू गोपाल की प्रतिमा भी दी गई।घर से निकलने के बाद रिया का काफिला जीरोमाइल चौक पहुंचा। यहां दो JCB की मदद से उन पर फूलों की बारिश की गई। इस दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ जुटने से वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।जीरोमाइल पहुंचकर रिया ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वह मुख्य स्वागत समारोह स्थल पहुंचीं।
भारतीय टीम के डिफेंस की संभाली जिम्मेदारी
अहमदाबाद में आयोजित पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में रिया भारतीय महिला टीम की प्रमुख डिफेंडर रहीं। उन्होंने राइट-लेफ्ट कॉर्नर और कवर पोजीशन पर खेलते हुए विपक्षी टीमों की रेडर्स को रोकने में अहम भूमिका निभाई।रिया के योगदान से भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के अपने सभी छह मुकाबले जीते और अजेय रहते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
ओपन जीप में बैठकर स्वागत रैली निकाली गई।
गांव के मैदान से भारतीय टीम तक पहुंचने का सफर साझा किया
बीहट लौटने के बाद रिया ने अपनी सफलता और संघर्ष के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गांव के एक साधारण मैदान से कबड्डी खेलना शुरू किया था। तब सोचा भी नहीं था कि एक दिन देश के लिए खेलने का मौका मिलेगा।उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कोच, कबड्डी संघ और परिवार को दिया। रिया ने कहा कि सभी ने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया और सही दिशा दिखाई। सफलता के लिए कड़ी मेहनत जरूरी है। वह आगे भी इसी लगन से अभ्यास जारी रखेंगी, ताकि देश के लिए और पदक जीत सकें।
खेल संघ के पदाधिकारियों ने बताया बिहार का गौरव
इस अवसर पर कबड्डी संघ के श्याम नंदन सिंह पन्नालाल ने रिया को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपने प्रदर्शन के आधार पर भारतीय राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। पूरे टूर्नामेंट में उनके तकनीकी खेल का टीम को फायदा मिला। रिया बीहट और बेगूसराय ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार और देश के लिए गौरव हैं।विजय कुमार ने कहा कि कॉमनवेल्थ कबड्डी में भारत का नाम रोशन करना पूरे राज्य और खेल जगत के लिए गर्व की बात है। युवा खिलाड़ियों को रिया से प्रेरणा लेकर मेहनत और अनुशासन के साथ तैयारी करनी चाहिए, ताकि वे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकें।
अब एशियन गेम्स में गोल्ड जीतना अगला लक्ष्य
रिया की सफलता से बिहार के खेल प्रेमियों में खुशी है। भव्य स्वागत से अभिभूत रिया ने कहा कि कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में भारतीय कबड्डी टीम का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए फिर से स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगा फहराना है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
