मुंडेश्वरी-गुप्ताधाम के लिए हेलिकॉप्टर सेवा:मुख्यमंत्री ने कहा- धार्मिक पर्यटन व इको टूरिज्म से बदलेगी बिहार
पटना,मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन और इको टूरिज्म से बिहार की तस्वीर बदलेगी। इसके लिए तमाम जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। वे सोमवार को परसिया (भभुआ) में ‘श्री भाष्यकार श्री रामानुजाचार्य सहस्राब्दी महामहोत्सव एवं अंतर्राष्ट्रीय धर्म सम्मेलन’ का उद्घाटन करने के बाद उसे संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति, संतों के आशीर्वाद और जनसहभागिता से ही ‘विकसित भारत और समृद्ध बिहार’ का संकल्प पूरा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘मेक इन इंडिया’ से देश आत्मनिर्भर बन रहा है। बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा तय किए गए विकास के रोडमैप को सरकार पूरी ताकत से आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। सांसद मनोज तिवारी के भक्ति भजनों से पूरा परिसर भक्तिमय रहा। इस दौरान मंत्री मो.जमा खान, विधायक भरत बिंद व संगीता कुमारी आदि भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री की खास बातें …
मंदिरों का कायाकल्प : विष्णुपद मंदिर (गयाजी) का 3,500 करोड़ रुपए की लागत से विकास एवं जीर्णोद्धार होगा। बाबा हरिहरनाथ मंदिर (सोनपुर) पर 1,000 करोड़ रुपए खर्च होगा। मां मुंडेश्वरी धाम (कैमूर) के प्राचीनतम मंदिर का समग्र विकास होगा।
हेलीकॉप्टर सेवा व इको टूरिज्म : सम्राट ने कहा कि मां मुंडेश्वरी और रोहतास के गुप्ता धाम तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान बनाने के लिए पटना से हेलिकॉप्टर दर्शन सेवा शुरू की गई है। कैमूर की पहाड़ियां इको टूरिज्म के साथ फिल्म इंडस्ट्री को भी आकर्षित कर रही हैं।
5 साल में इतना रोजगार कि किसी को बाहर न जाना पड़े : मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में नौकरी-रोजगार के इतने अवसर पैदा करना है कि यहां के किसी युवा को मजबूरी में मजदूरी के लिए बाहर न जाना पड़े।
खेतों से बालू-रेत हटाने को प्रति हेक्टेयर 18,000 मिलेंगे, न्यूनतम 2,200 रु.
बाढ़ पीड़ित किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ के पानी के साथ कृषि योग्य भूमि पर जमा हुए बालू, रेत और गाद को हटाने के लिए सहायता राशि मिलेगी। किसानों को प्रति हेक्टेयर 18,000 रुपए मिलेंगे। छोटे रकबे वाले प्रत्येक पीड़ित किसानों के लिए न्यूनतम 2,200 रुपए तय किए गए हैं। इससे खेतों की उर्वरता बहाल होगी। किसानों को अगली फसल के समय पर बुआई करने में मदद मिलेगी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
