कंपनी का खाता था निशाने पर:56 करोड़ की कॉरपोरेट डकैती की साजिश नाकाम, 9 गिरफ्तार
पटना।मोतिहारी साइबर थाना पुलिस ने कॉरपोरेट बैंक खातों में सेंधमारी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापेमारी कर ‘कैंप सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी के खाते से करीब 56 करोड़ रुपए उड़ाने की साजिश विफल कर दी। इस कार्रवाई में 9 साइबर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। इनके तार सीधे दुबई में बैठे साइबर अपराधियों से जुड़े थे।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यह गिरोह कंपनी के खाते से 56 करोड़ उड़ाने वाला है। पुलिस टीम ने शिवहर, पकड़ीदयाल और पहाड़पुर में छापेमारी कर 9 बदमाशों को पकड़ा। इनके पास से 10 मोबाइल, 1 लैपटॉप और 2 चार पहिया वाहन मिले हैं।
लैपटॉप में संदिग्ध पोर्टल, बैंक लॉगिन सामग्री व डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पकड़े गए आरोपियों में पकड़ीदयाल के मझार का आनंद किशोर, शिवहर के सुंदरपुर खरौना का अरविंद कुमार व मनोरंजन कुमार, चिकनौटा का रामनाथ ठाकुर, पताही के गोनाही का निरंजन यादव, कल्याणपुर के देवापुर का संतोष राम उर्फ संतोष कुमार, तुरकौलिया का संदीप कुमार व अन्य शामिल है।
शिवहर, पकड़ीदयाल व पहाड़पुर में रेड, 10 मोबाइल, 1 लैपटॉप बरामद- कैसे करते थे ठगी : 4 चरणों में वारदात
गुप्त डेटा जुटाना : गिरोह अज्ञात स्रोतों से कॉरपोरेट खातों की जानकारी (नाम, यूजर आईडी, मोबाइल नंबर व बैलेंस) जुटाता था।
मोबाइल हैक व ओटीपी : जानकारी मिलते ही आरोपी नेट बैंकिंग एक्सेस करते और पीड़ित का मोबाइल हैक कर ओटीपी हासिल करते थे।
दुबई स्विफ्ट ट्रांसफर : लॉगिन के बाद स्विफ्ट कोड से रकम दुबई में बैठे अपराधियों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी।
30% कट व क्रिप्टो वापसी : दुबई का गिरोह 30% हिस्सा काटकर बाकी रकम यूएसडीटी क्रिप्टो करेंसी से भारतीय खातों में भेजता था।
कॉरपोरेट खातों पर हमला, साइबर क्राइम का नया ट्रेंड
यह मामला साइबर ठगी के नए पैटर्न का खुलासा करता है। आम लोगों से छोटी ठगी के बजाय अब गिरोह बड़ी कंपनियों के कॉरपोरेट खातों को टारगेट कर रहे हैं, ताकि एक ही बार में मोटी रकम उड़ाई जा सके। इसमें अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट, स्विफ्ट ट्रांसफर और क्रिप्टो (यूएसडीटी) का इस्तेमाल बताता है कि स्थानीय ठग विदेशी नेटवर्क से जुड़े हैं।
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
पुलिस ने बैंक खाताधारकों से अपील की है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें। यूजर आईडी, पासवर्ड, पिन और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी को न बताएं। किसी संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक पर भरोसे से पहले जांच लें।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
