व्हाट्सएप पर फर्जी APK फाइल डाउनलोड करते ही महिला अधिकारी के 2.07 लाख गायब
समस्तीपुर जिले में साइबर अपराधियों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है. ताजा मामले में शातिर साइबर ठगों ने एक फर्जी एपीके (APK) फाइल डाउनलोड करवाकर महिला स्वास्थ्यकर्मी के दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 2 लाख 7 हजार 869 रुपये की अवैध निकासी कर ली. घटना को लेकर पीड़िता गोल्डी ने साइबर थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है. पीड़िता चकमेहसी थाना क्षेत्र के नीमा चकहैदर गांव निवासी सुनील कुमार चौधरी की पुत्री हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है.
पीड़िता गोल्डी ने बताया कि वह कल्याणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत एचएससी मालीपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) के पद पर कार्यरत हैं. उनके स्वास्थ्य विभाग के ‘HSC कल्याणपुर’ नामक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में एक अज्ञात नंबर से ‘एम परिवहन’ (M-Parivahan) नाम से एक APK फाइल का लिंक भेजा गया था. ग्रुप में आए मैसेज में दावा किया गया था कि इस फाइल के अंदर एक सूची है, जिसे डाउनलोड करके सभी कर्मी अपने नाम की जांच कर लें.
बार-बार मैसेज आने पर अनजाने में कर लिया डाउनलोड
ग्रुप में बार-बार वही मैसेज आने के कारण पीड़िता ने झांसे में आकर अनजाने में उस फाइल को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लिया. फाइल डाउनलोड होते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और फोन पर लगातार वेरिफिकेशन के मैसेज आने लगे. पीड़िता कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही 2 अक्टूबर को उनके पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के खाते से सांकेतिक रूप से एक रुपये की निकासी हुई, ताकि बैंक खाता सक्रिय होने की पुष्टि की जा सके.
दो बैंक खातों से कई किश्तों में उड़ाये 2.07 लाख रुपये
इसके बाद 5 अक्टूबर की शाम साइबर अपराधियों ने अपने मंसूबों को अंजाम देते हुए उनके दो बैंक खातों से कई किश्तों में पैसे उड़ा लिए. शातिर ठगों ने पंजाब नेशनल बैंक के खाते से 1 लाख 15 हजार 1 रुपये और एक्सिस बैंक के खाते से 92 हजार 868 रुपये की अवैध निकासी कर ली. इस तरह पीड़िता को कुल 2,07,869 रुपये की चपत लग गई. खाते से रुपये कटने के मैसेज मिलते ही पीड़िता के होश उड़ गए.
पीड़िता ने साइबर थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी, जांच शुरू
साइबर ठगी की शिकार हुई महिला अधिकारी ने तुरंत अपने बैंकों से संपर्क कर खातों को ब्लॉक करवाया. इसके बाद उन्होंने बैंक स्टेटमेंट और अन्य जरूरी डिजिटल साक्ष्यों के साथ साइबर थाना समस्तीपुर में शिकायत दर्ज कराई. पीड़िता के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. साइबर पुलिस की टीम मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी और बैंक ट्रांजैक्शन की तकनीकी जांच कर अपराधियों का सुराग लगाने में जुट गई है.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
