कमर्शियल की जगह घरेलू एलपीजी सिलेंडर से पकेगा मिड-डे मील,धुआं मुक्त होगा
पटना,बिहार के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में मिड-डे मील का खर्च घटेगा। शिक्षा विभाग भोजन सामग्री में कटौती किए बिना संचालन लागत कम कर रहा है। राज्य के 45 हजार से अधिक स्कूलों में महंगे कमर्शियल की जगह घरेलू एलपीजी सिलेंडर मिलेंगे। इससे शिक्षा विभाग को हर महीने ₹20 करोड़ (₹18 करोड़ से अधिक) की बचत होगी।
विभाग ने तीनों प्रमुख तेल कंपनियों (आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल) को स्कूलों से कमर्शियल सिलेंडर वापस लेने का निर्देश जारी कर दिया है। बिहार में रोजाना 1.10 करोड़ बच्चे मिड-डे मील योजना के तहत भोजन करते हैं।
सवाल: इस बदलाव से शिक्षा विभाग को हर महीने कितनी बचत होगी?
जवाब: कमर्शियल (₹3030) और घरेलू (₹1032) सिलेंडर के मूल्य में ₹2000 का अंतर है। इससे विभाग को हर महीने ₹20 करोड़ (₹18 करोड़ से अधिक) की सीधी बचत होगी।
सवाल: नए कनेक्शन पर कितना खर्च आएगा और कितने सिलेंडर मिलेंगे?
जवाब: राज्य के 45,389 स्कूलों को 90,778 कनेक्शन देने पर ₹30 करोड़ खर्च होंगे। प्रत्येक स्कूल को 2-2 घरेलू एलपीजी सिलेंडर दिए जाएंगे।
सवाल: रसोइयों और बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या कड़े इंतजाम किए गए हैं?
जवाब: आईएसआई मार्क रेगुलेटर, स्टील वायर सेफ्टी पाइप और 700 की फायर वॉल लगेगी। रसोइयों को ब्लॉक स्तर पर सुरक्षा ट्रेनिंग मिलेगी।
सवाल: कमर्शियल सिलेंडर वापसी और आपूर्ति में क्या चुनौती आ रही है?
जवाब: अब तक 24,000 सिलेंडर लौटे हैं। राज्य के 5,000 स्कूल बाढ़ से प्रभावित हैं।
सरकारी स्कूलों में बच्चों को शुद्ध और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। ईंधन बचत और ग्रामीण इलाकों में सुलभ उपलब्धता के लिए घरेलू एलपीजी कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इससे मिड-डे मील पकाने में कोई बाधा नहीं आएगी। -मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री, बिहार
फैसला जन-स्वास्थ्य सुरक्षा का बेहतरीन संतुलन
शिक्षा विभाग का यह फैसला बजटीय अनुशासन और जन-स्वास्थ्य सुरक्षा का बेहतरीन संतुलन है। अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में कमर्शियल सिलेंडर की अनुपलब्धता के कारण कई स्कूलों में भोजन लकड़ी व कोयले पर पकता था। इससे निकलने वाले जहरीले धुएं से रसोइयों और बच्चों में श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बना रहता था।
घरेलू सिलेंडर की सुलभ उपलब्धता से स्कूल की रसोई धुआं मुक्त होगी, रसोइयों की सेहत सुधरेगी और 1.10 करोड़ बच्चों को बिना रुकावट समय पर गर्म व पौष्टिक भोजन मिल सकेगा।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
