यार्ड में घुस गया गंगा-पुनपुन नदी का पानी,पटना में डूब गए 3000 नए बने ट्रैक्टर
Patna.बिहार में बाढ़ की हालत गंभीर बनी हुई है. राजधानी पटना के दीदारगंज में गंगा और पुनपुन नदियों का पानी घुस गया है. इसके कारण दीदारगंज में बने एक स्टॉक यार्ड में करीब 3000 ट्रैक्टर पानी में डूब गए हैं. इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें हर तरफ पानी ही पानी दिख रहा है.
वहीं, जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गंगा और गंडक नदी का जलस्तर स्थिर है, जबकि कोसी और सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है. गंगा नदी लगभग हर जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. अच्छी बात यह है कि पटना के हाथीदह तक पानी का स्तर कम हुआ है, जबकि मुंगेर से साहेबगंज तक सभी घाटों पर स्थिति एक जैसी बनी हुई है.
आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 14 जिलों – पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल के 84 प्रखंडों की 514 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं. इन इलाकों की करीब 40.21 लाख आबादी सीधे तौर पर बाढ़ से प्रभावित हुई है.
खतरे के निशान को पार कर रहीं प्रमुख नदियां
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा नदी सुल्तानगंज में अपने सबसे ऊंचे स्तर (एचएफएल) से 0.05 मीटर ऊपर बह रही है. इसके अलावा गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां भी अलग-अलग जगहों पर खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं.
नदियों से पानी छोड़ा जाना और मौसम का हाल
बुधवार सुबह गंडक (वाल्मीकिनगर) बराज से 86,000 क्यूसेक, कोसी (वीरपुर) बराज से 1,48,200 क्यूसेक और सोन (इंद्रपुरी) बराज से 80,785 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. मौसम केंद्र ने अगले दो दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
