डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा दलसिंहसराय में हॉस्पिटल पर हंगामा,मौत के बाद भी बच्ची को वेंडीलेचर पर रखने का आरोप
दलसिंहसराय,शहर के सरदारगंज चौक स्थित एक निजी हॉस्पिटल में एक 15 बर्षीय बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा जमकर हंगामा किया.मृतक की पहचान अजनौल डीह वार्ड 08 निवासी कृष्ण कुमार महतो की पुत्री रूचि कुमारी(15) के रूप में हुई है.मृतका के
स्वजनों ने बताया रूचि को सर में दर्द होने के कारण बीते 30 अगस्त को अस्पताल में भर्ती करवाया गया.जिसके बाद डॉक्टर द्वारा बताया गया की मरीज की हालत गंभीर है इसलिए इसे वेंडीलेचर पर रखा जा रहा है.अबतक जाँच व दवा के नाम पर 80 हजार रुपया से ऊपर लिया गया.
रोज पम्प देकर मरीज को दिखाया जाता है.
आज शक होने पर कुछ ग्रामीणों को लेकर जब हॉस्पिटल आये और रूचि को देखा तो कोई हलचल नहीं हो रहा था. जब डॉक्टर को बोला गया तो वह डॉक्टर बोले बच्ची जिन्दाz है.पम्प देकर दिखा रहे थे.परन्तु कोई हलचल नहीं होने पर हमलोगो ने सख्ती दिखाई तो डॉक्टर बोला ले जाइए अपने मरीज को दूसरे हॉस्पिटल में हम रेफर करते है.रूचि को देखने से ऐसा लग रहा था की उसकी दो दिन पूर्व ही मौत हो चुकी थी.डॉक्टर द्वारा परिजनों को नहीं बता कर पैसा ठगने का काम किया जा रहा था.घटना के बाद भारी संख्या में ग्रामीण इकठ्ठा होकर डॉक्टर की लापरवाही के खिलाफ जमकर हंगामा करने लगे.स्वजनों ने डॉक्टर का प्रमाण पत्र और अस्पताल का लाइसेंस की जांच करने की मांग प्रशासन से किया.
वही सुचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझा कर मामले को शांत करवाया.जिसके बाद स्वजनों ने मृतक का शव अपने साथ घर ले गए.अस्पताल के डॉक्टर चंदन सिन्हा ने बताया कि मरीज दूसरे अस्पताल से रेफर होकर आई थी.जिसे लेकर परिजनों को पहले ही बताया गया था कि मरीज कोमा में है.कब होश में आएगी पता नहीं.आज परिजनों द्वारा हो हंगामा किया गया.मेरे यहाँ मरीज वेंडीलेचर पर जिंदा थी.बाहर निकालने के बाद स्वजनों के बाद उसके नाक से पाइप निकाल दिया गया जिसके बाद उसकी मौत हुई है.अस्पताल में मौत नहीं हुई है.
शहर में दर्जनों अवैध अस्पताल।
स्थानीय लोगों का कहना है की आये दिन शहर के कई निजी हॉस्पिटल में डॉक्टर की लापरवाही की वजह से मरीजों की मौत, मरीजों अपंग होते रहते है.जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग कुछ नहीं करता है.अवैध रूप से चल रहे कई हॉस्पिटल पर जांच के नाम पर साल दो साल में कभी कभी करवाई होती है. परन्तु वह भी जाँच कर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है.जिस कारण शहर में दर्जनों अवैध अस्पताल बिना डॉक्टर के चल रहे है. जहाँ नामी डॉक्टर का बोर्ड लगा कर मरीजों को जाल में फंसाया जाता है फिर मरीजों से मोटी रकम वसुला जाता है.मरीजों की मौत पर अस्पताल प्रशासन द्वारा मोटी रकम देकर लाशों का भी सौदा तक लोग कर लेते है.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
