टीआरई-4 दिसंबर-जनवरी में 2 चरणों में होगी:ईओयू के सुझाव पर फैसला
पटना.टीआरई 4 की परीक्षा अब दिसंबर-जनवरी में होगी। परीक्षा की तिथि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में घोषित होगा। परीक्षा दो चरणों में होगी। परीक्षा में माइनस मार्किंग भी होगी। इसके साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से 30 सितंबर तक जितनी अधियाचना आएगी, उसे टीआरई 4 के तहत जोड़ा जाएगा। सेंटर, परीक्षा के दौरान सुरक्षा, प्रश्न पत्र की आवाजाही सहित अन्य तैयारी सितंबर के बाद अभ्यर्थियों की संख्या को ध्यान में रख कर की जाएगी। ये जानकारी बीपीएससी के सचिव हेमंत कुमार और परीक्षा नियंत्रण राजेश कुमार सिंह ने दी।
बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रण राजेश कुमार सिंह ने कहा, आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक कि जांच के दौरान आयोग को सुझाव दिया कि परीक्षा दो चरणों में कराया जाए। विभिन्न राज्यों में होने वाली परीक्षा, आर्थिक अपराध इकाई के सुझाव सहित अन्य बातों को ध्यान में रख करके बीपीएससी द्वारा होने वाली सभी परीक्षाओं को दो चरणों में कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
परीक्षा में पारदर्शिता, क्वालिटी युक्त अभ्यर्थियों के सलेक्शन सहित अन्य बिंदुओं को ध्यान में रख करके सभी परीक्षा 2 चरणों में होगी। इससे पहले भी यूपी, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा सहित देश के अन्य राज्यों में लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा 2 या 3 चरणों में होती है। ऐसे में बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा होने वाली परीक्षा भी अब 2 चरणों में ली जाएगी।
वह सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं
. टीआरई-4 में कुल कितने पदों पर भर्ती होगी और मुख्य परीक्षा में कितने लोग बैठेंगे?
जवाब: टीआरई-4 से 33,274 पदों पर भर्ती होगी। प्री परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा के लिए ढाई गुना यानी लगभग 83 हजार अभ्यर्थियों का चयन होगा।
. परीक्षा का स्तर क्या होगा और क्या इसमें कोई अतिरिक्त समय भी मिलेगा?
परीक्षा का स्टैंडर्ड कक्षा 1 से 5, 6 से 8 और 9 से 12वीं के लिए अलग-अलग होगा। परीक्षा में 10 से 15 मिनट अतिरिक्त समय मिलने की संभावना है।
. क्या 60% या उससे अधिक अंक पाने वालों के लिए कोई विशेष व्यवस्था है?
हां, 60% या अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों की कॉपियों की दोबारा जांच होगी ताकि पारदर्शिता रहे और अभ्यर्थियों की लेखन शैली का पता चले।
. सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (एईडीओ) परीक्षा का क्या अपडेट है?
एईडीओ के 935 पदों के लिए फिर से फॉर्म भरा जाएगा। अप्रैल में हुई इसकी एक चरण की परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द हो गई थी, जो अब दो चरणों में होगी।
. क्या हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों के बीच कोई भेदभाव होता है?
जवाब: बिल्कुल नहीं, दोनों माध्यमों में कोई भेदभाव नहीं होता। परीक्षा नियंत्रक ने बीपीएससी 70वीं की सोशल मीडिया पर वायरल कॉपी को पूरी तरह फर्जी बताया है।
. क्या डोमिसाइल नीति को लेकर आयोग कोई बदलाव कर सकता है?
नहीं, डोमिसाइल देना सरकार का काम है। वैसे, बीपीएससी परीक्षाओं में करीब 72% छात्र बिहार के ही होते हैं। कोर्ट केस के कारण अटके असिस्टेंट इंजीनियर के परिणाम भी जल्द आएंगे।
इससे पहले टीआरई 4 को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा था कि, जुलाई में वैकेंसी निकलेगी और सितंबर तक परीक्षा होगी। इसके लिए जून के अंतिम सप्ताह तक 38 जिलों से रिक्तियों की जानकारी प्राप्त की जाएगी। लेकिन, रिक्तियों की जानकारी 15 जुलाई तक शिक्षा विभाग को प्राप्त नहीं हुई थी।
दो चरणों में परीक्षा होने से क्या बदलेगा?
दो चरणों में परीक्षा कराने से पेपर लीक की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाएगी। पहले चरण (प्री) के बाद करीब 80% अभ्यर्थी छंट जाएंगे, जिससे मुख्य परीक्षा में कम अभ्यर्थी बचेंगे। ऐसे में मुख्य परीक्षा एक ही जिले में कराई जा सकेगी। इससे नकल रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल मिलेगा और तीन स्तरीय मॉनिटरिंग सिस्टम भी बेहतर काम करेगा। आर्थिक अपराध इकाई (ईआेयू) ने भी पेपर लीक की जांच के बाद यही सुझाव दिया था। यूपी, गुजरात, हरियाणा और हिमाचल में भी ऐसी ही व्यवस्था है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
