दस साल बाद कानून की समीक्षा जरूरी’, बिहार में शराबबंदी पर चिराग पासवान बोले..
पटना।केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रा) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने विपक्षी नेताओं के ढुलमुल रवैये पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि लोकसभा हो या बिहार विधानसभा, विपक्ष के नेता हमेशा देर से जागते हैं. जब छात्रों को असल में उनके समर्थन की जरूरत थी, तब ये नेता राजनीति करने में व्यस्त थे.
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अब जब सरकार ने छात्रों की मांगों को सुना है और उन पर काम कर रही है, तब मार्च निकालना सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है. चिराग पासवान ने साफ कहा कि आज के युवा और छात्र इतने समझदार हैं कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई खुद लड़ सकते हैं.
समीक्षा की उठाई मांग
चिराग पासवान ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि जब यह कानून लाया गया था, तब विपक्ष में रहते हुए भी उनकी पार्टी ने इसका समर्थन किया था. लेकिन जिस सोच के साथ यह नियम बनाया गया था, वह पूरी तरह जमीन पर नजर नहीं आ रहा है. आज भी जहरीली शराब बनने और पड़ोसी राज्यों से शराब बिहार आने की खबरें आती रहती हैं. उनका मानना है कि सिर्फ कानून बना देना काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए लोगों के बीच जागरूकता फैलाना सबसे ज्यादा जरूरी है.शराबबंदी लागू हुए करीब 10 साल बीत चुके हैं, इसलिए अब इसकी ईमानदारी से जांच होनी चाहिए. चिराग पासवान ने कहा कि सरकार को देखना चाहिए कि इस कानून से क्या बदलाव आया और कहां कमियां रह गईं.
उन्होंने साफ किया कि समीक्षा करने का मतलब कानून को खत्म या कमजोर करना नहीं है. इसका मकसद इसे और ज्यादा सख्त व असरदार बनाना है. इसके लिए सरकार को सभी सहयोगी दलों के साथ मिलकर बात करनी चाहिए और जरूरी सुधार करने चाहिए.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
