ग्रामीणों ने चंदा कर खुद बनाया चचरी पुल:गायघाट में बाढ़ से टूटी सड़क, सरकारी मदद नहीं मिला
मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड क्षेत्र की कांटा पिरौंछा दक्षिणी पंचायत पिछले चार दिनों से बाढ़ की चपेट में है। सरकारी तंत्र और जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों ने रविवार सुबह खुद पहल करते हुए चंदा जुटाकर चचरी पुल का निर्माण किया। इससे साइकिल, बाइक और पैदल आवागमन करने वाले लोगों को कुछ राहत मिली है।
बाढ़ के कारण कई रास्ते बंद होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही थी। अभिषेक कुमार, रोहित कुमार, अशोक कुमार, चंद्रेश्वर सहनी और लालबाबू जैसे ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के लोग चार दिनों से बाढ़ की समस्या का सामना कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष आई बाढ़ में तरबन्ना के पास जमींदारी बांध टूट गया था। इस बांध की मरम्मत के लिए लगातार प्रयास किए गए।सांसद सह केंद्रीय जलशक्ति मंत्री राजभूषण चौधरी और वर्तमान विधायक ने क्षेत्र का दौरा कर टूटे बांध की जल्द मरम्मत कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद अब तक मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ है।
पंचायत समिति सदस्य रीना देवी और संजागर कुमार ने बताया कि बाढ़ से उत्पन्न समस्याओं को लेकर शनिवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी से शिकायत की गई थी।अंचल कार्यालय की ओर से केवल पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इसके अलावा किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है।
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